मूकनायक/सरिता रानी
हरियाणा
चंडीगढ़, 2 जुलाई। हरियाणा ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व संग्रह में एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। सीमित क्षेत्रफल और अपेक्षाकृत कम जनसंख्या होने के बावजूद राज्य राष्ट्रीय जीएसटी संग्रह में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
आबकारी एवं कराधान विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ ने बताया कि जून 2026 में हरियाणा ने जून 2025 की तुलना में 14.66 प्रतिशत की उल्लेखनीय जीएसटी राजस्व वृद्धि दर्ज की है। इस उपलब्धि के साथ जून 2026 के दौरान जीएसटी संग्रह के मामले में हरियाणा गुजरात और आंध्र प्रदेश के बाद प्रमुख राज्यों में तीसरे स्थान पर रहा।
उन्होंने बताया कि भारत के कुल क्षेत्रफल का मात्र 1.34 प्रतिशत और देश की कुल जनसंख्या का केवल 2.2 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद हरियाणा राष्ट्रीय जीएसटी संग्रह में लगभग 7.4 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। यह राज्य की मजबूत औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ प्रभावी कर प्रशासन का परिणाम है।
आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 से 2024-25 के दौरान हरियाणा का जीएसटी राजस्व दोगुने से अधिक हो चुका है। यह वृद्धि राज्य में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार, डिजिटल कर प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कर अनुपालन में सुधार को दर्शाती है।

