धम्म, शांति, करुणा और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान
मूकनायक/सरिता रानी
पानीपत
धम्म भूमि टीम, पानीपत की ओर से मंगलवार को सम्राट अशोक विजयादशमी समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में सम्राट अशोक के धम्म, शांति, करुणा और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके विचारों और मानवीय मूल्यों को याद करते हुए समाज में समानता, सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
समारोह में सम्राट अशोक के जीवन से जुड़ी कलिंग युद्ध की ऐतिहासिक घटना का उल्लेख किया गया। युद्ध में हुई व्यापक जनहानि और रक्तपात ने अशोक के जीवन पर गहरा प्रभाव डाला। इसके बाद उन्होंने हिंसा और युद्ध की नीति से दूर होकर शांति, करुणा तथा धम्म के मार्ग को अपनाने पर बल दिया। उनके जीवन में आया यह परिवर्तन इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में गिना जाता है।
सम्राट अशोक ने अपने धम्म के माध्यम से नैतिक आचरण, सभी प्राणियों के प्रति दया, धार्मिक सहिष्णुता और जनकल्याण के आदर्शों को प्रोत्साहित किया। समारोह में इन मूल्यों को वर्तमान सामाजिक जीवन में अपनाने तथा मानवता और समानता पर आधारित समाज के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन श्रद्धेय प्रेम सिंह बौद्ध ने किया। समारोह के माध्यम से शिक्षा, संगठन और संघर्ष के महत्व के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया गया।
समारोह में रौशनी बौद्ध, बृजपाल बौद्ध, कुलदीप अम्बेडकर, नीरज भुक्कल, शशि बौद्ध, राम केसर बौद्ध, राजेंद्र बौद्ध, जगजीत बौद्ध, मनीषा बौद्ध, आयुष बौद्ध, श्रेया बौद्ध, सतबीर दहिया, दलबीर रंगा और राम मेहर सरोहा आदि मौजूद रहे।
अंत में धम्म भूमि टीम, पानीपत की ओर से कार्यक्रम में सहयोग देने वाले सभी साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने सम्राट अशोक के धम्म, शांति, करुणा और मानवतावादी विचारों को आगे बढ़ाने तथा उनके संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया।

