Monday, September 28, 2026
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हजरस ने एसडीएम प्रतिनिधि को सौंपा मांगों का ज्ञापन

पदोन्नति में 20 प्रतिशत आरक्षण लागू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर HAJRAS ने सौंपा ज्ञापन

मूकनायक/सरिता रानी
कैथल/पानीपत/हरियाणा

अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ (HAJRAS) जिला कैथल ने जिला प्रधान राजबीर पाई के प्रतिनिधित्व तथा HAJRAS कैथल के वरिष्ठ कार्यकर्ता दलशेर की अध्यक्षता और राज्य संयोजक दलवीर राठी के मार्गदर्शन में एसडीएम महोदय के प्रतिनिधि को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के पदों पर पदोन्नति में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए तथा लंबे समय से लंबित सभी पात्र पदोन्नतियां शीघ्र जारी की जाएं।
संघ ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा 07/10/2023 को ग्रुप ए व ग्रुप बी के पदों पर पदोन्नति में अनुसूचित जाति वर्ग को 20 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। इन निर्देशों के माध्यम से अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति में निर्धारित 20 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सरकार की प्रतिबद्धता को व्यावहारिक रूप देने की दिशा में आत्म प्रकाश मेहरा को शिक्षा विभाग में संयुक्त निदेशक के पद पर पदोन्नति प्रदान किए जाने का उदाहरण भी प्रस्तुत किया था। इससे पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था को सरकार की ओर से व्यावहारिक समर्थन एवं स्वीकृति प्राप्त होने का संदेश गया।
संघ ने कहा कि वर्तमान में हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ एवं राज्य सरकार दोनों ही इस विषय से संबंधित मामले में माननीय उच्च न्यायालय में एलपीए में पक्षकार हैं। संघ का स्पष्ट मत है कि इस मामले को अनावश्यक रूप से लंबित रखने से अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र अध्यापक एवं कर्मचारियों को लगातार पदोन्नति के संवैधानिक अवसर से वंचित होना पड़ रहा है। संघ ने मांग की कि हरियाणा सरकार भी उच्च न्यायालय में इसी प्रकार का उचित एवं स्पष्ट हलफनामा प्रस्तुत करे।
ज्ञापन में रोस्टर रजिस्टर का विधिवत संधारण एवं 20 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने, एसीपी में 50 प्रतिशत अंकों एवं फिट फॉर प्रमोशन की शर्त समाप्त करने, प्राथमिक विद्यालय में मुख्य शिक्षक का पद बिना शर्त पुनः बहाल करने तथा ESHM से संबंधित सेवा एवं वरिष्ठता विसंगतियों का समाधान करने की मांग की गई।
इसके अलावा हाई स्कूल मुख्याध्यापक के पदों पर ESHM को पदोन्नति का अवसर सुनिश्चित करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों की लंबित छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि का भुगतान सुनिश्चित करने, अध्यापकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने, HKRN व्यवस्था की समीक्षा कर नियमित रोजगार सुनिश्चित करने तथा मिड-डे मील की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई।

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