मूकनायक समाचार । सूरत
सूरत में भारतीय बौद्ध महासभा की ओर से आयोजित 10 दिवसीय बौद्धाचार्य श्रामणेर शिविर के तहत शुक्रवार को श्रद्धा, सेवा और धम्म का अनूठा संगम देखने को मिला। नीलगिरी सर्कल से विश्व शांतिदूत महाबोधि बुद्ध विहार तक शांति धम्म यात्रा निकाली गई। यात्रा के बाद भिक्खु संघ, श्रामणेर संघ और उपासक-उपासिका संघ को सामूहिक भोजन दान कराया गया।
रिंग रोड स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर भवन, मान दरवाजा में 14 से 22 सितंबर तक चल रहे 10 दिवसीय बौद्धाचार्य श्रामणेर शिविर के तहत विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में शुक्रवार को नीलगिरी सर्कल से विश्व शांतिदूत महाबोधि बुद्ध विहार तक शांति धम्म यात्रा निकाली गई। यात्रा के बुद्ध विहार पहुंचने के बाद भिक्खु संघ और श्रामणेर संघ के साथ उपासक-उपासिका संघ को सामूहिक भोजन दान कराया गया।
कार्यक्रम में धम्म प्रवचन, स्वागत समारोह और धम्म दान सहित कई कार्यक्रम हुए। पूरे आयोजन में धम्म, शांति, सेवा और सामाजिक एकता का संदेश देखने को मिला।
इस आयोजन में संघनायक पूज्य भंते धम्मपाल मुंबई, भंते धम्म रक्षित महाथेरो, केंद्रीय प्रशिक्षण विभाग के उपप्रमुख एम.डी. सरोदे गुरुजी, संस्कार विभाग प्रमुख एवं भारतीय बौद्ध महासभा गुजरात प्रदेश के उपाध्यक्ष शेषराव खरात गुरुजी, बौद्धाचार्य गोविंद पिम्पलिस्कर और भारतीय बौद्ध महासभा सूरत शहर अध्यक्ष छबीलदास जाधव सहित अनेक पदाधिकारी और श्रद्धालु मौजूद रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विश्व शांतिदूत महाबोधि बुद्ध विहार के उपाध्यक्ष कृष्ण वानखेड़े, स्वागत समिति, भोजन दान में सहयोग करने वाले श्रद्धावान धम्म उपासक-उपासिकाओं और बुद्ध विहार समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
आयोजन की सफलता के पीछे कई दिनों से चल रही तैयारियां और कार्यकर्ताओं की मेहनत साफ नजर आई। समिति के सदस्यों ने तन-मन-धन से जुटकर हर व्यवस्था को संभाला। भोजन दान से लेकर स्वागत, यात्रा और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं तक कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई।
वहीं विश्व शांतिदूत महाबोधि बुद्ध विहार के संस्थापक अध्यक्ष सुभाष झाड़े की सेवा-भावना भी पूरे आयोजन में विशेष रूप से दिखाई दी। धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सामाजिक सेवा और धम्म गतिविधियों को आगे बढ़ाने में उनकी सक्रिय भूमिका रही। सुभाष झाड़े और उनकी पूरी टीम की मेहनत से आयोजन को व्यवस्थित और सफल बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग मिला।
सूरत में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर धम्म, सेवा, शांति और सामाजिक एकता का संदेश दिया। भिक्खु संघ को भोजन दान और शांति धम्म यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने भगवान बुद्ध के करुणा और शांति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

