‘एमएसएमई केवल छोटा कारोबार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका निभाने वाला क्षेत्र है’: चैंबर अध्यक्ष अशोक जीरावाला
दक्षिण गुजरात की 100 कंपनियों का कारोबार तीन गुना बढ़ाने के लिए ‘एक्सलरेट प्रो’ और ‘लिफ्ट ऑफ’ कार्यक्रम शुरू
मूकनायक समाचार । सूरत
द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसजीसीसीआई) की एमएसएमई समिति तथा गुजरात सरकार के सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (सीईडी), गांधीनगर के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को सरसाणा स्थित प्लेटिनम हॉल में भव्य ‘एमएसएमई कॉन्क्लेव-2026’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य दक्षिण गुजरात के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सरकारी सहायता योजनाओं, आधुनिक तकनीक, वित्तीय सुविधाओं तथा वैश्विक आपूर्ति शृंखला से जोड़ना था। कार्यक्रम में केंद्र एवं राज्य सरकार के औद्योगिक विभागों के अधिकारियों, बैंकिंग विशेषज्ञों और बड़ी संख्या में उद्यमियों ने भाग लिया।
एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था का शक्तिशाली इंजन: अशोक जीरावाला
कॉन्क्लेव के उद्घाटन अवसर पर स्वागत भाषण देते हुए चैंबर अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा कि किसी भी देश की वास्तविक आर्थिक शक्ति केवल कुछ बड़े औद्योगिक समूहों से नहीं, बल्कि लाखों छोटे और मध्यम उद्योगों की क्षमता से निर्धारित होती है। एमएसएमई केवल छोटा कारोबार नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका निभाने वाला क्षेत्र है।
उन्होंने बताया कि भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में एमएसएमई क्षेत्र का योगदान लगभग 31.1 प्रतिशत, विनिर्माण क्षेत्र में 35.4 प्रतिशत तथा देश के कुल निर्यात में लगभग 48.58 प्रतिशत है। गुजरात में उद्यम पोर्टल पर 18 लाख से अधिक इकाइयां पंजीकृत हैं, जिनके माध्यम से राज्य में 1 करोड़ 15 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात में लगभग 20 प्रतिशत एमएसएमई इकाइयों का नेतृत्व महिला उद्यमी कर रही हैं, जो राज्य के औद्योगिक विकास की सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत करता है।
जीरावाला ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल कम लागत पर उत्पादन करना पर्याप्त नहीं है। उद्योगों को गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक, डिजिटल विपणन और वित्तीय अनुशासन पर भी विशेष ध्यान देना होगा। एमएसएमई इकाइयों को केवल कारोबार चलाने तक सीमित रहने के बजाय विकास और विस्तार की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसके लिए समय पर वित्तीय सहायता, तकनीकी उन्नयन और बाजार तक पहुंच तीन प्रमुख आधार हैं। स्थानीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से चैंबर ने वाधवानी फाउंडेशन के साथ साझेदारी की है। इसके अंतर्गत दक्षिण गुजरात की चयनित 100 कंपनियों का कारोबार तीन गुना करने के लक्ष्य से ‘एक्सलरेट प्रो’ तथा सूक्ष्म उद्यमों के विकास के लिए ‘लिफ्ट ऑफ’ कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और निर्यात वित्त पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी
कॉन्क्लेव में आयोजित विभिन्न तकनीकी सत्रों के दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार के अधिकारियों तथा वित्तीय विशेषज्ञों ने उद्यमियों को औद्योगिक विकास, सरकारी प्रोत्साहन, तकनीकी उन्नयन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की संभावनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी): उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त एवं सूरत जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक जे. बी. दवे ने गुजरात की औद्योगिक नीतियों, विकसित गुजरात नीति-2026 के अंतर्गत उपलब्ध सब्सिडी, प्रोत्साहन और एमएसएमई इकाइयों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी दी।
एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय: भारत सरकार के एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय के सेवानिवृत्त सहायक निदेशक टी. के. सोलंकी ने विलंबित भुगतान से संबंधित विवादों के समाधान, 45 दिनों के भीतर भुगतान के प्रावधान तथा ऑनलाइन विवाद समाधान (ओडीआर) पोर्टल के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने उद्यमियों को उद्यम पोर्टल पर पंजीकरण कराने के महत्व से भी अवगत कराया।
गुणवत्ता प्रमाणन और विपणन सहायता: एमएसएमई-डीएफओ, अहमदाबाद के सहायक निदेशक उमेश शर्मा ने जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट (जेडईडी) प्रमाणन, सरकारी खरीद, विपणन सहायता तथा व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए उपलब्ध सरकारी सहयोग की जानकारी दी।
उद्यमिता एवं कौशल विकास: सीईडी, गांधीनगर के ओएसडी धर्मेंद्र पंड्या ने उद्यमिता विकास प्रशिक्षण, कौशल संवर्धन तथा नए स्टार्टअप के लिए उपलब्ध सरकारी सहायता योजनाओं पर मार्गदर्शन दिया।
निर्यात और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सुविधाएं: एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ इंडिया (एक्जिम बैंक), अहमदाबाद के क्षेत्रीय प्रमुख कपिल पंड्या ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में उपलब्ध अवसरों, वैश्विक आपूर्ति शृंखला से जुड़ने के तरीकों तथा निर्यातकों के लिए निर्यात ऋण और वित्तपोषण सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने उद्यमियों को वैश्विक बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए वित्तीय सुविधाओं का प्रभावी उपयोग करने की आवश्यकता बताई।
प्रश्नोत्तरी सत्र में उद्यमियों ने उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे
विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के बाद आयोजित प्रश्नोत्तरी सत्र में उद्यमियों ने अपनी व्यावसायिक समस्याओं और सरकारी योजनाओं से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। विशेष रूप से विलंबित भुगतान, विवाद समाधान की प्रक्रिया, सरकारी सहायता तथा वित्तीय सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने उद्यमियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

