मुकनायक समाचार | सूरत
सूरत नगर प्राथमिक शिक्षा समिति की शाळाओं में परीक्षा शुरू होते ही शिक्षकों के काम के बंटवारे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कक्षा 6 से 8 के प्रश्नपत्र जांचने का काम बालवाटिका और कक्षा 1 से 3 के शिक्षकों को दिया गया है, जिससे उनमें भारी नाराजगी है।
कक्षा 1 से 3 बच्चों की नींव का समय होता है – पढ़ना, लिखना, भाषा और गणित के लिए बहुत जरूरी। इस समय शिक्षकों को कक्षा में पढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। लेकिन जब ऊपर के कक्षाओं के शिक्षक पर्याप्त हैं, तब भी छोटे बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को ऊपर के पेपर्स जांचने का अतिरिक्त बोझ दिया जा रहा है।
परीक्षा के समय पेपर जांचने में अलग समय देना पड़ता है, जिससे छोटे बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित होने का डर है। शिक्षकों का सवाल है कि कक्षा 6 से 8 के शिक्षक अपने विषय के विशेषज्ञ हैं, तो फिर यह काम बुनियादी शिक्षकों को क्यों दिया गया? काम का बंटवारा किस आधार पर हुआ, इसकी स्पष्टता मांगी गई है। शिकायतें शिक्षा समिति तक पहुंचने के बाद अब इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

