डॉ. भीमराव यशवंत आंबेडकर के नेतृत्व में सैकड़ों सैनिकों और कार्यकर्ताओं की ऐतिहासिक भागीदारी
मूकनायक प्रतिनिधी प्रकाश लांडगे
बड़ौदा, दिनांक 23 सितंबर 2026 :
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा अस्पृश्यता की अमानवीय व्यवस्था के विरुद्ध सामाजिक मुक्ति का संकल्प लिए गए ऐतिहासिक 23 सितंबर के दिन की स्मृति में गुजरात के वडोदरा में भीम संकल्प दिवस के अवसर पर भव्य महारैली का आयोजन किया गया। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के पौत्र, भारतीय बौद्ध महासभा के ट्रस्टी तथा समता सैनिक दल के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. भीमराव यशवंत आंबेडकर के प्रमुख नेतृत्व में यह महारैली उत्साहपूर्वक संपन्न हुई।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ के बड़ौदा संस्थान में नौकरी की थी। इसी ऐतिहासिक स्मृति को नमन करते हुए स्मृति भवन (कोठी) से चार रास्ता, सयाजी बाग होते हुए संकल्प भूमि तक यह महारैली निकाली गई। महारैली के प्रारंभ में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की स्मृतियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर मानवंदना दी गई।
इस पूरे कार्यक्रम का मार्गदर्शन भारतीय बौद्ध महासभा के ट्रस्टी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा समता सैनिक दल के स्टाफ ऑफिसर एडवोकेट डॉ. एस. के. भंडारे तथा समता सैनिक दल के राष्ट्रीय सचिव एवं गुजरात प्रभारी बी. एच. गायकवाड़ गुरुजी ने किया।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने विदेश से उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद भारत लौटकर महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ द्वारा की गई आर्थिक सहायता का ऋण चुकाने की भावना से बड़ौदा संस्थान में मिलिटरी सेक्रेटरी के पद पर नौकरी स्वीकार की थी। लेकिन जातीय भेदभाव और अस्पृश्यता की अमानवीय मानसिकता के कारण उन्हें बड़ौदा में अत्यंत अपमानजनक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। रहने के लिए स्थान नहीं दिया गया, भोजन से वंचित किया गया और किराए के निवास से भी बाहर निकाल दिया गया। इस कटु अनुभव के बाद 23 सितंबर 1917 को बाबासाहेब ने सामाजिक गुलामी के विरुद्ध संघर्ष करने का ऐतिहासिक संकल्प लिया।
इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 23 सितंबर को भीम संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाता है।
महारैली के संकल्प भूमि पहुंचने के बाद डॉ. भीमराव यशवंत आंबेडकर, एडवोकेट डॉ. एस. के. भंडारे, बी. एच. गायकवाड़, प्रकाश सोमकुवर, विशाल कांबले तथा समता सैनिक दल के अधिकारी रमेश वाघमारे, एडवोकेट वंदना सावंत, बालासाहेब आठवले, मधुकर हिवराले, हिरामण पगारे, रागिणीताई पवार, स्वातीताई शिंदे, शोभाताई कांबले, छगन सुरवाडे और विजय झनके सहित सैकड़ों सैनिकों एवं कार्यकर्ताओं ने संकल्प भूमि को मानवंदना अर्पित की।
इसके बाद संकल्प भूमि समिति की ओर से आयोजित सार्वजनिक सभा में डॉ. भीमराव यशवंत आंबेडकर ने उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन किया। बाबासाहेब ने जिस सामाजिक असमानता और भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष करने का संकल्प लिया था, उस संकल्प को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी प्रत्येक कार्यकर्ता की है, यह संदेश इस अवसर पर दिया गया।
इस ऐतिहासिक महारैली में भिक्खु संघ, समता सैनिक दल की ठाणे, नवी मुंबई, मुंबई प्रदेश, पुणे और जलगांव बटालियन के सैनिक एवं अधिकारी, भारतीय बौद्ध महासभा के पदाधिकारी तथा महिला एवं पुरुष कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। बाबासाहेब के विचारों और सामाजिक परिवर्तन के संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प इस अवसर पर पुनः दृढ़ किया गया।
इस महारैली का आयोजन भारतीय बौद्ध महासभा, बड़ौदा जिला एवं गुजरात दक्षिण राज्य शाखा के अध्यक्ष प्रकाश सोमकुवर तथा महासचिव विशाल कांबले द्वारा किया गया था।
भीम संकल्प दिवस के अवसर पर वडोदरा की ऐतिहासिक भूमि से सामाजिक समानता, स्वाभिमान और मानव मुक्ति के संघर्ष का संकल्प एक बार फिर बुलंद किया गया।

