मूकनायक/सरिता रानी
पानीपत
भगत सिंह स्मारक, पानीपत में स्वतंत्रता सेनानी कामरेड टीका राम सखुन सभागार में शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 119वीं जयंती के अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में वक्ताओं ने भगत सिंह के विचारों और उनके क्रांतिकारी संघर्ष को याद करते हुए उनके सपनों को साकार करने के लिए काम करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय नौजवान सभा (एआईवाईएफ) के युवा नेता वंश सपरा, ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआईएसएफ) के नेता रुपेश सैनी एवं भानुप्रताप सिंह ने की। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान ‘इंकलाब जिंदाबाद’, ‘समाजवाद जिंदाबाद’ सहित विभिन्न नारों के माध्यम से शहीदों के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
विचार गोष्ठी का मंच संचालन एआईवाईएफ के वरिष्ठ नेता राम रतन सैनी एडवोकेट ने किया। एआईवाईएफ के पूर्व राज्य महासचिव पवन कुमार सैनी एडवोकेट ने कहा कि भगत सिंह ने जिस प्रकार की आजादी का सपना देखा था, वह सपना आज भी अधूरा है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह केवल राजनीतिक आजादी तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे सामाजिक और आर्थिक समानता पर आधारित व्यवस्था चाहते थे।
उन्होंने भगत सिंह और बी.के. दत्त द्वारा तत्कालीन ब्रिटिश सरकार के दमनकारी कानूनों के विरोध में केंद्रीय विधानसभा में बम फेंकने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य जनता तक अपना संदेश पहुंचाना था। उन्होंने कहा कि भगत सिंह समाजवादी विचारों से प्रभावित थे और अपने अंतिम समय में लेनिन की जीवनी पढ़ रहे थे।
सीपीआई के वरिष्ठ नेता कामरेड सुरत सिंह देशवाल एडवोकेट ने कहा कि भगत सिंह के विचारों को समझना और उन्हें वर्तमान परिस्थितियों से जोड़कर देखना आवश्यक है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में बढ़ते निजीकरण तथा किसानों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक जनजागरण की आवश्यकता है।
कामरेड माम चंद सैनी, डॉ. राजेन्द्र सैनी, जगदीश रंगा और वंश सपरा ने भी विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि छात्रों और नौजवानों को भगत सिंह के विचारों का अध्ययन कर उन्हें समाज में प्रचारित-प्रसारित करना चाहिए। उन्होंने सरकारी संस्थानों में निजीकरण और रोजगार के अवसरों से जुड़े मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की।
एआईवाईएफ नेता राम रतन सैनी एडवोकेट ने एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूचियों में नामों को लेकर उत्पन्न समस्याओं, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि नौजवानों के भविष्य और सार्वजनिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जरूरी है।
गोष्ठी में सेवा सिंह मलिक, सतीश कुमार, शीश राम, ओम प्रकाश कश्यप, राज कुमार, मोहित सैनी, राजेन्द्र सैनी, सुशील सैनी एडवोकेट, भानू प्रताप सिंह, सुभाष समालखा, देव कालड़ा, सुरज सैनी, राजपाल, ट्विंकल मेहरा, आकाश कुमार, ओम सिंह, सतीश यादव, नवल किशोर सहित अनेक लोगों ने शहीद भगत सिंह को नमन किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के विचारों को आत्मसात करते हुए उन्हें जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

