तुगलकाबाद गुरु घर के पुनर्निर्माण से लेकर हरियाणा में भूमिहीनों को जमीन देने तक की मांगें रहेंगी प्रमुख
मूकनायक रमेश पोडिया/ करनाल/हरियाणा
करनाल, सितंबर।
बेगमपुरा स्वाभिमान संघर्ष समिति करनाल की ओर से आगामी 4 अक्टूबर 2026 को हुड्डा ग्राउंड, सेक्टर-12 करनाल में बेगमपुरा स्वाभिमान प्रबुद्ध सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन में सामाजिक, धार्मिक, भूमि अधिकार तथा सफाई कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन को लेकर टीम हरियाणा के अलग-अलग गांवों में पहुंचकर लोगों को सम्मेलन के उद्देश्यों और मांगों की जानकारी दे रही है।
सम्मेलन की मुख्य मांगों में दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित गुरु रविदास गुरु घर के पुनर्निर्माण तथा पूरी जमीन वापस किए जाने, हरियाणा के गांवों में चमारान/हड्डवारे तथा जोहड़ी से संबंधित जमीन को कब्जामुक्त कर समाज को सौंपने, हरियाणा के सभी कच्चे सफाई कर्मचारियों को सरकार द्वारा तत्काल प्रभाव से पक्का करने, कुरुक्षेत्र के उमरी गांव में सरकार द्वारा दी गई जमीन पर अति शीघ्र गुरु रविदास संग्रहालय का निर्माण कर श्री गुरु रविदास सभा कुरुक्षेत्र को सौंपने तथा गांवों में पड़ी कुम्हारखानों की जमीन को खाली करवाकर कुम्हार समाज के हवाले करने की मांग शामिल है।
गांव-गांव पहुंच रही टीम
आयोजकों के मुताबिक सम्मेलन को लेकर टीम हरियाणा के प्रत्येक गांव में पहुंचने का अभियान चला रही है। टीम गांवों में लोगों से संपर्क कर उन्हें इन मुद्दों की जानकारी देने के साथ सम्मेलन में भागीदारी के लिए आमंत्रित कर रही है। अभियान का उद्देश्य गांव स्तर पर लोगों को अपने सामाजिक और अधिकारों से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक करना बताया गया है।
डॉ. श्रीचंद ने कहा—मुद्दों को मजबूती से उठाने की जरूरत
डॉ. श्रीचंद ने कहा कि समाज से जुड़े इन मुद्दों को केवल चर्चा तक सीमित रखने के बजाय इनके समाधान के लिए संगठित प्रयास जरूरी हैं। उनके अनुसार तुगलकाबाद गुरु घर, गांवों की जमीन, सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण और धार्मिक-सामाजिक स्थलों से जुड़े विषय बड़ी संख्या में लोगों की भावनाओं और अधिकारों से जुड़े हुए हैं। सम्मेलन के माध्यम से इन मांगों को व्यापक स्तर पर सामने रखा जाएगा।
मलखान नंबरदार बोले—गांव-गांव जाकर लोगों को किया जा रहा जागरूक
मलखान नंबरदार ने कहा कि बेगमपुरा स्वाभिमान प्रबुद्ध सम्मेलन को लेकर कार्यकर्ता लगातार गांवों में जनसंपर्क कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीम हरियाणा के प्रत्येक गांव तक पहुंचकर लोगों को सम्मेलन के मुद्दों और मांगों के बारे में जानकारी दे रही है। उनका कहना है कि समाज के लोगों को अपने अधिकारों और सार्वजनिक हित से जुड़े विषयों की जानकारी होना जरूरी है।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से पड़ी ऐसी जमीनों के विषय को भी सम्मेलन में प्रमुखता से उठाने की बात कही, जिन्हें आयोजक चमारान, हड्डवारे, जोहड़ी तथा अन्य सामुदायिक उपयोग से जुड़ी जमीन बताते हैं।
चरण गगसिना ने कहा—सम्मेलन में बड़ी संख्या में पहुंचेंगे लोग
चरण गगसिना ने कहा कि बेगमपुरा स्वाभिमान प्रबुद्ध सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श का मंच है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे 4 अक्टूबर को हुड्डा ग्राउंड सेक्टर-12 करनाल पहुंचकर सम्मेलन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि गांव-गांव चल रहे संपर्क अभियान के दौरान लोगों को सम्मेलन की पांचों प्रमुख मांगों के बारे में बताया जा रहा है और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इन पांच मांगों पर रहेगा मुख्य फोकस
- तुगलकाबाद गुरु घर: सरकार द्वारा तोड़े गए तुगलकाबाद गुरु घर का पुनर्निर्माण करवाकर पूरी जमीन वापस करने की मांग।
- गांवों की जमीन: हरियाणा के गांवों में चमारान, हड्डवारे और जोहड़ी से संबंधित जमीन को कब्जामुक्त करवाकर समाज को सौंपने की मांग।
- सफाई कर्मचारियों का नियमितीकरण: हरियाणा के सभी कच्चे सफाई कर्मचारियों को सरकार द्वारा तत्काल प्रभाव से पक्का करने की मांग।
- कुरुक्षेत्र में गुरु रविदास संग्रहालय: उमरी गांव में सरकार द्वारा दी गई जमीन पर शीघ्र गुरु रविदास संग्रहालय का निर्माण करवाकर उसे श्री गुरु रविदास सभा कुरुक्षेत्र को सौंपने की मांग।
- कुम्हारखानों की जमीन: गांवों में पड़ी कुम्हारखानों की जमीन को खाली करवाकर कुम्हार समाज के हवाले करने की मांग।
आयोजकों ने बताया कि सम्मेलन 4 अक्टूबर 2026, रविवार को प्रातः 10 बजे हुड्डा ग्राउंड, सेक्टर-12 करनाल में होगा। बेगमपुरा स्वाभिमान संघर्ष समिति करनाल ने लोगों से सम्मेलन में पहुंचने की अपील की है।

