16 अगस्त को पुण्यतिथि पर विशेष श्रद्धांजलि
बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं हरियाणा के प्रभारी रहे स्वर्गीय सरदार मान सिंह मनहेड़ा बहुजन आंदोलन के उन समर्पित, ईमानदार और कर्मठ नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बहुजन समाज पार्टी को मजबूत करने और संगठन को जन-जन तक पहुंचाने में समर्पित कर दिया। बहन कुमारी मायावती के विश्वसनीय सहयोगियों में शामिल रहे सरदार मान सिंह मनहेड़ा ने हरियाणा में बसपा के संगठन को मजबूत आधार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सरदार मान सिंह मनहेड़ा का जन्म 14 सितंबर 1960 को हुआ था और 16 अगस्त 2012 को उनका परिनिर्वाण हुआ। आज उनकी पुण्यतिथि पर उनके संघर्ष, समर्पण और संगठनात्मक योगदान को याद करते हुए उनके चाहने वालों की आंखें नम हो जाती हैं।
बताया जाता है कि उनके नेतृत्व और अथक मेहनत के दौर में हरियाणा में बहुजन समाज पार्टी के मत प्रतिशत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई और पार्टी का जनाधार लगभग 4 प्रतिशत से बढ़कर 16.5 प्रतिशत तक पहुंचा। यह उपलब्धि उनके दिन-रात किए गए संगठनात्मक परिश्रम और कार्यकर्ताओं के बीच बनाए गए मजबूत संपर्क को दर्शाती है।
कार्यकर्ताओं से था सीधा जुड़ाव
सरदार मान सिंह मनहेड़ा की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि उनका कार्यकर्ताओं के साथ सीधा और आत्मीय संबंध था। वे छोटे से छोटे कार्यकर्ता की बात को भी उतनी ही गंभीरता से सुनते थे, जितनी किसी वरिष्ठ पदाधिकारी की। उनका मानना था कि किसी भी राजनीतिक संगठन की असली ताकत उसके जमीनी कार्यकर्ता होते हैं।
उन्होंने हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार दौरे किए, कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, संगठन की स्थिति को समझा और पार्टी के मिशन को मजबूत करने के लिए उन्हें प्रेरित किया। उनके सरल व्यवहार, स्पष्ट सोच और संगठन के प्रति निष्ठा ने बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को उनके साथ जोड़े रखा।
ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल
सरदार मान सिंह मनहेड़ा को जानने वाले लोग उन्हें एक ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित नेता के रूप में याद करते हैं। उन्होंने पद को कभी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का माध्यम नहीं बनाया, बल्कि उसे बहुजन समाज की सेवा का दायित्व माना।
उनका जीवन इस बात की मिसाल रहा कि यदि कोई व्यक्ति संगठन और विचारधारा के प्रति पूरी निष्ठा से काम करे तो सीमित संसाधनों के बावजूद व्यापक जनाधार तैयार किया जा सकता है। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के संगठन को केवल चुनावी राजनीति तक सीमित न रखते हुए उसे जमीनी स्तर पर मजबूत करने का प्रयास किया।
उनके निधन से समाप्त हुआ एक स्वर्णिम अध्याय
16 अगस्त 2012 का दिन बहुजन समाज पार्टी और हरियाणा के बहुजन आंदोलन के लिए एक अपूरणीय क्षति लेकर आया। सरदार मान सिंह मनहेड़ा के परिनिर्वाण के साथ संगठन ने अपना एक अनुभवी, समर्पित और जमीन से जुड़ा हुआ नेता खो दिया।
उनके निधन को उनके समर्थक केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि बहुजन समाज के संघर्ष और संगठन के एक स्वर्णिम अध्याय का अवसान मानते हैं। हालांकि व्यक्ति भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं रहता, लेकिन उसके विचार, संघर्ष और कार्य हमेशा समाज के बीच जीवित रहते हैं। सरदार मान सिंह मनहेड़ा का जीवन भी इसी सत्य का उदाहरण है।
आज समर्थक ही नहीं, विरोधी भी करते हैं सम्मान
समय बीतने के साथ उनके कार्यों का मूल्यांकन करने वाले लोगों की संख्या बढ़ती गई। आज उनके चाहने वाले ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से उनसे असहमत रहने वाले लोग भी उनके ईमानदार व्यक्तित्व, संगठन के प्रति निष्ठा और कार्यकर्ताओं से आत्मीय संबंधों की सराहना करते हैं।
यह किसी भी सार्वजनिक जीवन जीने वाले व्यक्ति के लिए सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जाती है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद उसके व्यक्तित्व और निष्ठा पर प्रश्न न उठें।
सरदार मान सिंह मनहेड़ा ने अपने जीवन में जिस संगठनात्मक संस्कृति को मजबूत करने का प्रयास किया, उसमें कार्यकर्ता सर्वोपरि था और बहुजन समाज का हित केंद्र में था। यही कारण है कि उनकी पुण्यतिथि आज भी अनेक कार्यकर्ताओं के लिए केवल श्रद्धांजलि का दिन नहीं, बल्कि उनके संघर्ष और समर्पण से प्रेरणा लेने का अवसर है।
सरदार मान सिंह मनहेड़ा का जीवन हमें सिखाता है कि पद और प्रतिष्ठा से बड़ा संगठन के प्रति समर्पण होता है, और राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी पूंजी जनता एवं कार्यकर्ताओं का विश्वास होता है।
विनम्र श्रद्धांजलि
बहुजन समाज पार्टी के समर्पित सिपाही, संगठन निर्माता और बहुजन आंदोलन के कर्मठ योद्धा स्वर्गीय सरदार मान सिंह मनहेड़ा जी को उनकी पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन।
उनका संघर्ष, उनकी ईमानदारी, उनकी कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीयता और बहुजन समाज के उत्थान के लिए उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
सरदार मान सिंह मनहेड़ा जी अमर रहें।
बहुजन आंदोलन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
लेखक: डॉ रमेश पोडिया
स्टेट ब्यूरो चीफ हरियाणा प्रदेश

