मूकनायक /रिपोर्टर धर्मवीर गौतम /हिंडौन सिटी -करौली
39 निर्दलीय पार्षदों ने बदला पूरा गणित, भाजपा ने बढ़ाया कदम; कांग्रेस में प्रत्याशी चयन को लेकर असमंजस से मुकाबला और दिलचस्प
हिण्डौन सिटी।
नगर परिषद हिण्डौन सिटी के सभापति पद को लेकर सियासी हलचल अब तेज हो गई है। बुधवार को भारतीय जनता पार्टी की ओर से विजय कुमारी शर्मा ने सभापति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन के दौरान नगर परिषद भाजपा चुनाव प्रभारी राम अवतार मीणा पूर्व विधायक राजकुमारी जाटव, हिंडौन भाजपा मंडल अध्यक्ष बबली चतुर्वेदी, भाजपा के पार्षदों सहित पार्टी से जुड़े कई कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय स्थित नामांकन कक्ष पहुंचे।
नामांकन के दौरान भाजपा खेमे में राजनीतिक सक्रियता और संगठनात्मक एकजुटता दिखाई दी। दूसरी ओर सभापति पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी फुलवा देवी ने भी आज ही अपना नामांकन दाखिल किया है। ऐसे में सभापति पद का मुकाबला अब और अधिक रोचक हो गया है।
60 वार्डों के नतीजों ने बिगाड़ा भाजपा-कांग्रेस का पारंपरिक गणित
हिण्डौन नगर परिषद के 60 वार्डों के चुनाव परिणामों ने भाजपा और कांग्रेस दोनों के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है। चुनाव परिणामों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने 39 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को 12 और कांग्रेस को 9 वार्डों में जीत मिली।
इस परिणाम के बाद किसी भी प्रमुख दल के पास अपने दम पर सभापति चुनने के लिए आवश्यक बहुमत नहीं है। नगर परिषद में 60 पार्षद हैं और बहुमत का आंकड़ा 31 है। ऐसे में सभापति चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
यही वजह है कि अब हिण्डौन की सियासत का केंद्र चुनाव परिणामों से निकलकर निर्दलीय पार्षदों के रुख पर आ गया है।
भाजपा ने विजय कुमारी शर्मा पर जताया भरोसा
भाजपा ने सभापति पद के लिए विजय कुमारी शर्मा को मैदान में उतारकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। विजय कुमारी शर्मा वार्ड 60 से भाजपा की निर्वाचित पार्षद भी हैं। उपलब्ध चुनाव परिणामों के अनुसार उन्होंने वार्ड 60 में जीत दर्ज की है।
भाजपा के नामांकन के दौरान पार्टी से जुड़े प्रमुख नेताओं और पार्षदों की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि पार्टी सभापति चुनाव को लेकर अपने स्तर पर सक्रिय है। हालांकि सभापति का अंतिम चुनाव पार्षदों के मतदान से होगा, इसलिए अंतिम परिणाम निर्दलीय पार्षदों के रुख सहित चुनावी दिन के समीकरणों पर निर्भर करेगा।
निर्दलीय फुलवा देवी ने भी दाखिल किया नामांकन
भाजपा के साथ-साथ निर्दलीय प्रत्याशी फुलवा देवी ने भी सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। इससे सभापति पद के चुनाव में एक और विकल्प सामने आया है।
अब राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि 39 निर्दलीय पार्षदों का झुकाव किस ओर जाता है और क्या निर्दलीय पार्षद एकजुट होकर अपना राजनीतिक विकल्प सामने रखते हैं या अलग-अलग समीकरणों के आधार पर निर्णय लेते हैं।
कांग्रेस के सामने प्रत्याशी और रणनीति दोनों की चुनौती
भाजपा की ओर से प्रत्याशी घोषित कर नामांकन दाखिल किए जाने के बाद कांग्रेस की स्थिति पर भी राजनीतिक निगाहें टिक गई हैं। कांग्रेस की ओर से सभापति पद के प्रत्याशी को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है।
स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में कांग्रेस के भीतर प्रत्याशी चयन और रणनीति को लेकर खींचतान की बात सामने आ रही है। हालांकि इन दावों की अंतिम पुष्टि पार्टी की आधिकारिक घोषणा से ही होगी।
निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस विधायक अनीता जाटव ने सभी 60 वार्डों में पार्टी प्रत्याशियों और बोर्ड बनाने की रणनीति को लेकर सक्रिय भूमिका निभाई थी। लेकिन चुनाव परिणामों में कांग्रेस को 9 वार्डों पर जीत मिली, जबकि निर्दलीय प्रत्याशियों ने 39 वार्ड जीतकर दोनों प्रमुख दलों के समीकरण को प्रभावित कर दिया।
निर्दलीयों के बिना नहीं बनेगा सभापति चुनाव का समीकरण
हिण्डौन नगर परिषद के मौजूदा आंकड़ों में सबसे महत्वपूर्ण संख्या 39 निर्दलीय पार्षदों की है। भाजपा के 12 और कांग्रेस के 9 पार्षदों के मुकाबले निर्दलीयों की संख्या कहीं अधिक है।
इसलिए सभापति चुनाव में भाजपा या कांग्रेस के लिए निर्दलीय पार्षदों का समर्थन महत्वपूर्ण रहेगा। यही कारण है कि नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां अब पार्षदों के समर्थन और संभावित समीकरणों के इर्द-गिर्द घूमने लगी हैं।
सुरक्षा के भी किए गए इंतजाम
सभापति पद के लिए नामांकन प्रक्रिया को देखते हुए प्रशासन की ओर से एसडीएम कार्यालय एवं आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए। नामांकन के दौरान राजनीतिक दलों के समर्थकों और कार्यकर्ताओं की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी रही।
अब निगाहें सभापति चुनाव पर
हिण्डौन नगर परिषद के चुनाव परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार सभापति की कुर्सी का फैसला केवल भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधे मुकाबले से नहीं होगा। 39 निर्दलीय पार्षदों की मौजूदगी ने पूरे चुनाव को बहुकोणीय बना दिया है।
भाजपा ने विजय कुमारी शर्मा के नामांकन के साथ अपना पत्ता खोल दिया है। निर्दलीय खेमे से फुलवा देवी भी मैदान में हैं, जबकि कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ होना बाकी है।
ऐसे में अब हिण्डौन की सियासत में सबसे बड़ा सवाल यही है—निर्दलीय पार्षद किस ओर जाएंगे और सभापति की कुर्सी पर किसका कब्जा होगा?
फिलहाल भाजपा ने अपना प्रत्याशी मैदान में उतारकर राजनीतिक बढ़त बनाने की कोशिश जरूर की है, लेकिन अंतिम फैसला पार्षदों के मतदान के बाद ही होगा।

