एसडीएम कार्यालय के बाहर गूंजे नारे, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन; मांगें पूरी नहीं हुईं तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
मूकनायक/सरिता रानी
पानीपत/हरियाणा
पदोन्नति में 20 प्रतिशत संवैधानिक प्रतिनिधित्व समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ के शिक्षकों ने बुधवार को पिहोवा में सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। संघ की खंड इकाई पिहोवा के नेतृत्व में शिक्षकों ने एसडीएम कार्यालय के समक्ष शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और सरकार से लंबित मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शन के बाद उपमंडल अधिकारी पिहोवा के माध्यम से मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार के नाम मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि संवैधानिक अधिकारों और जायज मांगों के लिए उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा। वक्ताओं ने सरकार से मांगों को केवल आश्वासनों तक सीमित रखने के बजाय धरातल पर लागू करने की अपील की।
पदोन्नति में 20 प्रतिशत प्रतिनिधित्व की मांग प्रमुख
कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड प्रधान दर्शन ने की तथा मंच संचालन रमेश थाना ने किया। जिला प्रधान अमर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
जिला प्रधान अमर सिंह ने कहा कि राज्य कार्यकारिणी के निर्देशानुसार प्रदेशभर में अनुसूचित जाति वर्ग के अध्यापकों की विभिन्न मांगों को लेकर सरकार को ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के पदों पर पदोन्नति में 20 प्रतिशत संवैधानिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए तथा पदोन्नति में आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों को उनके संवैधानिक अधिकारों का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए। सरकार को इस दिशा में ठोस एवं समयबद्ध कदम उठाने चाहिए।
‘सरकार ने नहीं सुनी तो आंदोलन होगा तेज’
राज्य कार्यकारिणी सदस्य रमेश रंगा ने कहा कि सरकार लंबे समय से संगठन की जायज मांगों पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों का समाधान नहीं किया तो राज्य कार्यकारिणी के निर्देशानुसार संगठन बड़े आंदोलन का निर्णय लेने के लिए मजबूर होगा।
पूर्व राज्य कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश सरोहा ने कहा कि संगठन लंबे समय से पदोन्नति में संवैधानिक प्रतिनिधित्व की लड़ाई लड़ रहा है। सरकार को अनुसूचित जाति वर्ग के अध्यापकों के साथ न्याय करते हुए इस मामले में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
पूर्व जिला प्रधान राजपाल बामनिया ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लगातार लंबित रखना उचित नहीं है। सरकार को सकारात्मक रुख अपनाते हुए मांगों का शीघ्र समाधान करना चाहिए।
इन मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन में पदोन्नति में 20 प्रतिशत संवैधानिक प्रतिनिधित्व, मौलिक मुख्य अध्यापकों को हाई स्कूल मुख्य अध्यापक के पदों पर पदोन्नति के अवसर प्रदान करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, अध्यापकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने, अनुसूचित जाति वर्ग के बैकलॉग पदों को शीघ्र भरने तथा मिड-डे मील की गुणवत्ता में सुधार करने की मांग की गई।
इसके साथ ही प्रत्येक विद्यालय में चौकीदार एवं सफाई कर्मचारी उपलब्ध करवाने, अनुसूचित जाति विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति एवं अन्य योजनाओं के लिए आय सीमा बढ़ाने सहित अन्य मांगें भी सरकार के समक्ष रखी गईं।
सैकड़ों शिक्षक रहे मौजूद
प्रदर्शन में खंड बाबैन प्रधान पिंटू राम, शाहाबाद प्रधान राजकुमार, थानेसर प्रधान मनोज मेहरा, सचिव राजेंद्र तुषार, डिप्टी डीईओ बारू राम, दीना राम, महावीर, परवीन थाना, सुनील, मेहर सिंह प्राचार्य, लक्ष्मण, रामचंद्र, राजिंदर, राजिंदर किरमिच, मामचंद, भगत सिंह, मनोज कुमार, विनोद कुमार, रघुबीर बहोली, जयभगवान, रघुबीर, सुभाष टंडन सहित सैकड़ों शिक्षक एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

