मूकनायक/सरिता रानी
पानीपत
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) की पानीपत जिला कौंसिल की ओर से “बदलाव ज़रूरी है” जनसंपर्क अभियान के तहत उरलाना कलां, डुमियाना, नैन, डाहर, महराना, अलुपुर, ब्राह्मण माजरा, नौलथा सहित विभिन्न गांवों में नुक्कड़ सभाओं और जनसभाओं का आयोजन किया गया। सभाओं को CPI हरियाणा राज्य कार्यकारिणी सदस्य कामरेड राम रतन एडवोकेट तथा जिला सचिव कामरेड पवन सैनी एडवोकेट ने संबोधित किया।
कामरेड राम रतन एडवोकेट ने कहा कि देश में लगातार बढ़ती महंगाई ने आम जनता का जीवन कठिन बना दिया है। मेहनतकश और गरीब जनता घटते व्यापार तथा बढ़ती लागत के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रही है। लाखों-करोड़ों युवा बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
उन्होंने कहा कि महंगाई के कारण शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाएं भी आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं। किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, जबकि मजदूरों के अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। उन्होंने सामाजिक न्याय को कमजोर किए जाने का भी आरोप लगाया।
जिला सचिव कामरेड पवन सैनी एडवोकेट ने कहा कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ तथा जनता के अधिकारों की आवाज बुलंद करने के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने देशभर में “बदलाव ज़रूरी है” जनसंपर्क अभियान शुरू किया है। उन्होंने बताया कि 6 अगस्त से चल रहा यह अभियान 1 सितंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली की तैयारियों के तहत पदयात्राओं, नुक्कड़ सभाओं, जनसभाओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे को सरकारी प्रचार और राजनीतिक रैलियों पर खर्च किए जाने के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जनकल्याण पर खर्च किया जाना चाहिए। उन्होंने दलितों, आदिवासियों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा तथा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा।
कम्युनिस्ट नेताओं ने लोगों से 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित विशाल जनसभा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस रैली में देशभर से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।
इस अवसर पर छात्र नेता भानुप्रताप सिंह, जुनेद राणा, रुपेश सैनी तथा खेत मजदूर यूनियन के जिला सचिव कामरेड भूपेंद्र कश्यप सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भी विचार रखे। जनसभाओं और नुक्कड़ बैठकों के दौरान कम्युनिस्ट कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर पर्चे वितरित किए और लोगों से सीधा जनसंपर्क किया।

