Tuesday, September 29, 2026
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विश्व रेबीज दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, चिकित्सकों ने बताया बचाव का मंत्र

मूकनायक / रिपोर्टर धर्मवीर गौतम / हिंडौन सिटी

कुत्ते या अन्य जानवर के काटने पर घाव को 10–15 मिनट तक धोएं, इलाज में न करें देरी

करौली। विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर जिले के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में लगातार दो दिन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के दौरान चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने आमजन को रेबीज से बचाव, प्राथमिक उपचार और समय पर टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सतीश चंद मीणा ने बताया कि रेबीज एक जानलेवा बीमारी है, लेकिन समय पर सावधानी और उचित उपचार से इससे बचाव संभव है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी संक्रमित या संदिग्ध जानवर के काटने अथवा खरोंचने की स्थिति में लापरवाही न बरतें और तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें।

डिप्टी हेल्थ ऑफिसर डॉ. ओम प्रकाश महावर ने बताया कि रेबीज एक गंभीर वायरल संक्रमण है, जो मनुष्यों और जानवरों दोनों को प्रभावित कर सकता है। जानवर के काटने या खरोंचने के बाद समय पर उपचार और एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाना बेहद जरूरी है।

उन्होंने बताया कि कुत्ते या अन्य जानवर के काटने अथवा खरोंचने पर सबसे पहले घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 10 से 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, चिकित्सक या एंटी रेबीज क्लीनिक पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार टीकाकरण करवाना चाहिए।

रेबीज से बचाव के जरूरी कदम

  • जानवर के काटने या खरोंचने पर घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से 10–15 मिनट तक धोएं।
  • घाव पर मिर्च, तेल, मिट्टी या किसी भी घरेलू पदार्थ का इस्तेमाल न करें।
  • घटना के बाद बिना देरी किए चिकित्सक से संपर्क करें।
  • चिकित्सकीय सलाह के अनुसार एंटी रेबीज वैक्सीन का पूरा कोर्स पूरा करें।
  • जानवर के काटने या खरोंचने को मामूली समझकर इलाज टालने से बचें।

स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की कि रेबीज के प्रति जागरूक रहें और किसी भी संदिग्ध पशु के काटने या खरोंचने की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता लें।

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