Monday, September 28, 2026
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मेहंदीवाड़ा पहुंचे अतिरिक्त सचिव चौधरी, आंगनवाड़ी-स्कूल की परखी व्यवस्थाएं

बच्चों से सीधा संवाद कर शिक्षा व्यवस्था की ली जानकारी, बुनकरों से जानी हथकरघा कला और रोजगार की स्थिति

मूकनायक समाचार -/ सत्यशील गोंडाने -/ बालाघाट (मध्यप्रदेश)

वारासिवनी/मेहंदीवाड़ा, 18 सितंबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के तहत बालाघाट जिले के प्रभारी अधिकारी एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त सचिव रविंद्र चौधरी ने शुक्रवार को वारासिवनी तहसील के ग्राम मेहंदीवाड़ा का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने गांव में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र एवं शासकीय स्कूल का निरीक्षण कर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। वहीं स्थानीय बुनकरों से संवाद करते हुए पारंपरिक हथकरघा कला, वस्त्र निर्माण की प्रक्रिया और इससे जुड़े रोजगार के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कुमार सत्यम, जिला पंचायत सीईओ तनुश्री मीणा एवं एसडीएम श्रीश प्यासे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

आंगनवाड़ी में बच्चों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

अतिरिक्त सचिव चौधरी ने ग्राम मेहंदीवाड़ा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-4 का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों, बच्चों की उपस्थिति, शिक्षा एवं पोषण से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

उन्होंने आंगनवाड़ी में बच्चों के किए जा रहे वजन एवं टीकाकरण की स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही बच्चों को दिए जा रहे भोजन का भी अवलोकन किया। केंद्र में बच्चों को परोसे जा रहे रोटी-सब्जी को देखकर भोजन व्यवस्था की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान केंद्र की व्यवस्थाओं पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। साथ ही आंगनवाड़ी केंद्र के आसपास और वहां तक पहुंचने वाले मार्ग पर साफ-सफाई की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश ग्राम पंचायत को दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़ी संस्थाओं के आसपास स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बनाए रखना आवश्यक है।

स्कूल में विद्यार्थियों से आमने-सामने संवाद

आंगनवाड़ी केंद्र के निरीक्षण के बाद अतिरिक्त सचिव ने मेहंदीवाड़ा के स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और उनकी पढ़ाई-लिखाई तथा स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने विद्यार्थियों से नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश एवं साइकिल वितरण के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों से पढ़ाई के विषय में बातचीत करते हुए उन्होंने उनकी रुचि, लक्ष्य और भविष्य की योजनाओं को जानने का प्रयास किया।

चौधरी ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपनी रुचि और लक्ष्य के अनुरूप शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन करने और उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं का बेहतर उपयोग करने की बात कही।

बुनकरों से संवाद, हथकरघा कला को करीब से देखा

ग्राम भ्रमण के दौरान अतिरिक्त सचिव चौधरी ने स्थानीय बुनकरों से मुलाकात कर उनकी पारंपरिक कला और व्यवसाय की जानकारी ली। उन्होंने हथकरघा पर वस्त्र तैयार करने की पूरी प्रक्रिया के संबंध में बुनकरों से संवाद किया।

बुनकरों ने उन्हें हथकरघा पर तैयार किए जा रहे विभिन्न वस्त्रों एवं साड़ियों के बारे में जानकारी दी। श्री चौधरी ने हथकरघा पर तैयार की गई आकर्षक साड़ियों का अवलोकन किया और बुनकरों के हुनर एवं पारंपरिक कला की सराहना की।

उन्होंने बुनकरों से यह भी जाना कि हथकरघा कार्य से कितने परिवार जुड़े हैं, वस्त्र निर्माण में कितना समय लगता है तथा तैयार उत्पादों के व्यवसाय एवं बाजार की स्थिति कैसी है।

ग्रामीण रोजगार और पारंपरिक हुनर से जुड़ी कला

अतिरिक्त सचिव ने कहा कि हथकरघा जैसी पारंपरिक कलाएं केवल संस्कृति और विरासत का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार से भी सीधे जुड़ी हुई हैं। इसलिए ऐसे पारंपरिक हुनर को प्रोत्साहित करना महत्वपूर्ण है।

मेहंदीवाड़ा भ्रमण के दौरान एक ओर जहां प्रशासनिक अधिकारी ने आंगनवाड़ी एवं स्कूल की व्यवस्थाओं को जमीनी स्तर पर देखा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय बुनकरों से संवाद कर ग्रामीण क्षेत्र में संचालित पारंपरिक व्यवसाय की वास्तविक स्थिति को समझा।

अधिकारियों के इस भ्रमण से गांव में शिक्षा, पोषण, स्वच्छता और स्थानीय रोजगार से जुड़े विभिन्न पहलुओं की प्रत्यक्ष जानकारी सामने आई। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश भी दिए

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