मूकनायक / रिपोर्टर धर्मवीर गौतम / हिंडौन सिटी
करौली, 24 सितंबर। राजकीय मेडिकल कॉलेज करौली के सभागार में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत ‘राज ममता–मन दर्पण’ अभियान के तहत मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मानसिक तनाव, नशे के दुष्प्रभाव और आत्महत्या की रोकथाम से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. आर.सी. मीना ने ‘मन दर्पण’ के पांच मॉड्यूल की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मानसिक परेशानियों के शुरुआती संकेतों को समय रहते पहचानना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को छिपाने के बजाय समय पर सहायता लेने की अपील की।
सीएमएचओ डॉ. सतीश मीना ने कहा कि आत्महत्या की रोकथाम के लिए लगातार जागरूकता और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने इसे केवल किसी एक दिन तक सीमित अभियान न मानकर परिवार, शिक्षण संस्थानों और समाज की साझा जिम्मेदारी बताया।
वहीं, मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेमराज मीना ने विद्यार्थियों के बीच पढ़ाई, करियर की चिंता और सोशल मीडिया से जुड़े दबाव के कारण उत्पन्न होने वाले तनाव पर चर्चा की। उन्होंने नियमित दिनचर्या अपनाने, तनाव को नियंत्रित करने तथा मानसिक परेशानी महसूस होने पर समय रहते चिकित्सकीय सहायता लेने पर जोर दिया।
संगोष्ठी में मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी सदस्यों के साथ करीब 170 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुंचाने का संदेश दिया गया।

