Monday, September 28, 2026
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आदिवासी मासूम नौनिहालो बच्चों की मौत पर गरजा सवाल — जिम्मेदार कौन?

स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली पर अभिजीत दीपके का हमला, बोले — अब चुप नहीं बैठेंगे

मूकनायक समाचार / सत्यशील गोंडाने / बालाघाट

बालाघाट। जिले के आदिवासी एवं बैगा बहुल क्षेत्रों में बच्चों की लगातार हो रही मौतों ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी मुद्दे को लेकर कॉकरेज जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके शनिवार को बालाघाट पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर जमीनी हालात का जायजा लिया।

दीपके ने कहा कि आज भी आदिवासी गांवों में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा, टीकाकरण और साफ पेयजल तक उपलब्ध नहीं है। कई गांवों में लोग मजबूरी में झिरिया का दूषित पानी पीने को विवश हैं, जिसका सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है। समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं, टीकाकरण और स्वच्छ पेयजल मिलता तो बच्चों की मौतों को रोका जा सकता था। हर मौत के पीछे एक परिवार का दर्द है, इसे सिर्फ आंकड़ा मानकर नहीं टाला जा सकता।

दीपके ने आदिवासी विकास, स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो CJP गांव-गांव जाकर बड़ा आंदोलन करेगी।

यह लड़ाई केवल स्वास्थ्य सुविधाओं की नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अस्तित्व, अधिकार और सम्मान की है। पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने तक हम उनके साथ खड़े रहेंगे — अभिजीत दीपके

अब बड़ा सवाल यही है कि इन मासूम मौतों की जवाबदेही किसकी है और प्रशासन कब जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं की पारदर्शी जांच कराएगा।

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