मूकनायक । गुजरात / सूरत
उप संपादक रामलखन सहानी
ध इन्स्टिट्युशन ओफ एन्जिनियर्स (इन्डिया), साउथ गुजरात लोकल सेन्टर (आईईआई एसजीएलसी) द्वारा रोयल चार्टर डे 2026 मनाया जा रहा है। इस अवसर पर 1935 में ध इन्स्टिट्यूशन ओफ इंजीनियर्स (इन्डिया) को रोयल चार्टर मिलने को 91 वर्ष पूर्ण होने की खुशी में मनाया जा रहा है। यह 91 वर्ष इंजीनियरिंग श्रेष्ठता, व्यावसायिक, प्रामाणिकता और राष्ट्रनिर्माण का गौरवपूर्ण सफर का प्रतीक है।
इस अवसर पर भारत के सर्वांगीय विकास, मेन्युफेक्चरिंग, ऊर्जा, टेकनोलोजी और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कई पीढियों के भारतीय इंजीनियरों के योगदान को याद किया गया।
डो. के. डी. पंचाल, चैयरमेन, आईईआई साउथ गुजरात लोकल सेन्टर ने बताया कि रोयल चार्टर केवल ऐतिहासिक सन्मान नहीं है किन्तु जिम्मेदारी की एक परंपरा है। भारत विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ रहा है ऐसे में इंजीनियरों की भूमिका चुनौतियों के समाधान में बदलना और स्किल्स, नवीनता तथा टेक्नोलॉजी के ज़रिए देश को मज़बूत बनाने की है।
हिमांशु भट्ट, मानद सचिव, आईईआई साउथ गुजरात लोकल सेन्टर ने बताया कि आईईआई एसजीएलसी ने इंजीनियरिंग समुदाय के लिए अधिक सक्रिय प्लेटफार्म बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आईईआई एसजीएलसी द्वारा शुरू की गइ विभिन्न गतिविधियां तथा ओपन-सोर्स इंजीनियरिंग प्लेटफार्म और एआई समेत की नवीन टेकनोलोजी के लिए जागृति लाने के लिए आयोजित टेकनिकल कार्यक्रम और प्रेक्टिकल लर्निंग पहलों की जानकारी दी।
केन्द्र द्वारा इन्डस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग को अधिक मजबूत बनाने का प्रयास भी किया जा रहा है। जिसमें वास्तविक औद्योगिक चुनौतियों के इंजीनियरों, संशोधको और छात्रों के समक्ष लाकर संयुक्त तरीके से उन्हें सुलझाने की तरकीब के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
रोयल चार्टर डे के अवसर पर आईईआई एसजीएलसी एक कुशल, नवीन और भविष्य के लिए तैयार इंजीनियरिंग समुदाय के निर्माण तथा भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की यात्रा में योगदान देने के लिए खुद प्रतिबद्धता पुनः व्यक्त करते हैं।

