मूकनायक / गुजरात /सूरत
सूरत शहर में डिजिटल एरेस्ट की घटना बढ रही है। ऐसे में अडाजण क्षेत्र के 67 वर्षीय वृद्ध निवृत्त महिला (रंजीता नाम परिवर्तित) सायबर क्राईम का शिकार हो गई। ठगों ने डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड ओफ ईन्डिया के कर्मचारी की पहचान बताकर उनके केनेरे बैंक के खाते से रूपये 2.50 करोड का मनी लोन्डरिंग होने का दावा किया है।
सायबर क्राईम पुलिस थाने के सूत्रो के मुताबिक मूलतः वडोदरा के वृद्धा ने मुंबई की कोलाबा पुलिस स्टेशन के पीएसआई संदीप रोय के तौर पर पहचान देकर व्यक्ति ने युनिफोर्म पहनकर विडियो कोल पर बात की। कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर उसने वृद्धा को निरंतर पांच दिन तक डिजिटल एरेस्ट रखा था और हर घण्टे सेफ होने का मैसेज भेजने के लिए मजबूर किया था। इस दौरान उनकी बैंक जमापुंजी और एफडी की जानकारी प्राप्त कर, मनी वेरिफिकेशन के नाम पर 30.50 लाख अलग-अलग खाते में ट्रान्सफर करवा लिए। रुपये ट्रान्सफर होने के बाद वोरंट कैन्सल किया है ऐसा कहकर धपलेबाजों ने संपर्क तोड दिया। इस घटना को लेकर संदेह होने पर वृद्धा ने गुगल पर सर्च किया तो पीएसआई संदीप रोय के नाम पर इस तरह की कई बार धपलेबाजी की गई होने की जानकारी मिली। खुद के साथ धोखा हुआ होने की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल अपने पुत्र को इसकी जानकारी दी और सूरत सायबर क्राईम पुलिस थाने अज्ञात ठगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। सायबर पुलिस ने गुनाह दर्ज कर रुपये रिकवर करने और गुनहगारों को पकडने की जांच तेज कर दी है।

