प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और छात्रों की समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की नहीं, बल्कि उन छात्रों और परिवारों से माफी की जरूरत है जिनकी मेहनत, समय और भविष्य पेपर लीक जैसी घटनाओं से प्रभावित हुआ है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक, परीक्षाओं का रद्द होना और वर्षों की तैयारी का बेकार हो जाना शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री उन छात्रों और परिवारों से मिले हैं, जिनके सपने पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की घटनाओं से टूटे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि “भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की क्षमा की जरूरत नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री को उनसे माफी मांगनी चाहिए।” यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी उस वीडियो के बाद आया है, जिसमें उन्होंने प्रदर्शन के दौरान अपने खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर प्रदर्शनकारियों को माफ करने की बात कही थी। शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।

