मूकनायक समाचार । सूरत
उत्तर विधानसभा के विधायक कांति बलर के कार्यालय में आयोजित एक बैठक के दौरान महानगरपालिका की टीपी समिति के चैयरमेन महेन्द्र देसाई और महिला कोर्पोरेटर जयश्री वोरा तथा उसके हसबन्ड मनहर वोरा के बीच उग्र नोकझोक के बाद मारपीट होने की घटना सामने आई है। यह हाई वोल्टेज ड्रामे के कारण समग्र सूरत व राजकीय वर्तुल में भारी चर्चा का विषय बना है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक वोर्ड क्रमांक – 5 (फूलपाडा-अश्विनीकुमार) क्षेत्र में भट की वाडी सोसायटी के प्रश्नों व डिमोलिशन के मुद्दे चर्चा करने के लिए विधायक कांति बलर की ओफिस में बैठक बुलाई गई थी। स्थानिय लोग और अग्रणियों की बातचीत पूर्ण होने के बाद बैठक में उपस्थित नेताओं के बीच संगठन और संकलन के मुद्दे माहौल गर्म हो गया। इस दौरान मामला बिगडा और टीपी चैयरमेन महेन्द्र देसाई और कोर्पोरेटर के पति मनहर वोरा के बीच उग्र नोकझोंक के बाद मारपीट हुई और आमने सामने गंभीर आरोप की घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाने का शुरू हुआ।
महिला कोर्पोरेटर जयश्री वोरा और उसके हसबन्ड ने आरोप लगाया कि महेन्द्र देसाई सोसायटियों में अवैध निर्माण के बारे में झूठी अर्जी करवा कर धमकी देते है और रुपये एंठते है। अधिक में उन्होंने बताया कि आक्रोशित हुए महेन्द्र देसाई ने ओफिस में ही उन्हें और उनके हसबन्ड पर हमला कर दिया और खुरशी मार दी इस कारण उन्हें चोट पहुंची। जयश्रीबेन ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि विधायक की ओफिस की मर्यादा रखी थी नहीं तो वहीं पर उसे सचोट उत्तर मिल जाता। दूसरी ओर महेन्द्र देसाई ने खुद पर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह केवल सामान्य बातचीत थी। प्रदेश संगठन की कडी नोटिस शासक पक्ष की ही ओफिस में पदाधिकारियों के बीच सरेआम मारपीट होने से भाजपा की शिस्त और छबि पर गंभीर सवाल खडे हुए है। इस बात की गंभीरता को ध्यान में रखकर प्रदेश महामंत्री और सूरत शहर प्रभारी प्रशांत कोराट द्वारा शहर संगठन को तत्काल इस संदर्भ की जांच करने का आदेश दिया है।

