मूकनायक न्यूज नेटवर्क/जयपुर/राजस्थान।
जयपुर। राजस्थान पुलिस ने अपनी शब्दावली में बड़ा बदलाव किया है। अब राज्य पुलिस के सभी आधिकारिक दस्तावेजों, एफआईआर, फॉर्म और प्रमाण पत्रों में ‘दलित’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (विविध प्रकोष्ठ एवं एससी) के कार्यालय से जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि आगे से सभी रिकॉर्ड में सिर्फ ‘अनुसूचित जाति’ और अंग्रेजी में ‘Scheduled Caste’ शब्द का ही प्रयोग होगा। पुलिस मुख्यालय से ये आदेश पुलिस अधीक्षक ज्ञानचन्द्र यादव के हस्ताक्षर से जारी हुआ है। इसे प्रदेश के सभी ADG, IG, पुलिस आयुक्तों और जिला SP को भेजा गया है।सर्कुलर में केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय मंत्रालय और सुप्रीम कोर्ट के पुराने निर्देशों का हवाला दिया गया है। इसमें कहा गया है कि सरकारी कामकाज में संवैधानिक मर्यादा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ये कदम उठाया गया है। अब किसी भी विभागीय पत्राचार, केस फाइल या सरकारी संवाद में ‘दलित’ शब्द का प्रयोग नहीं होगा। उसकी जगह संविधान में मान्यता प्राप्त ‘अनुसूचित जाति’ शब्द का इस्तेमाल करना जरूरी होगा।पुलिस विभाग का कहना है कि ये आदेश केंद्र सरकार के 2015 के निर्देश और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के अनुरूप है। इसका मकसद प्रशासनिक भाषा में एकरूपता लाना है।फिलहाल ये निर्देश राजस्थान पुलिस के सभी थानों और इकाइयों को लागू करने के लिए भेज दिए गए हैं।

