पीड़ित ने पुलिस और आरोपियो पर लगाया दबाव का आरोप
अस्पताल से आओगे तो कोरेक्स-गांजा में फंसवा देंगे पीड़ित की पत्नी ने किया सनसनीखेज दावा
मूकनायक /बद्री विशाल प्रजापति
सतना/ मध्य प्रदेश
सतना एस सी, एस टी एक्ट के एक मामले में कोठी पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि एफ आई आर में 2 आरोपियों का नाम जानबूझकर नहीं जोड़ा गया और अब पुलिस ही समझौते के लिए दबाव बना रही है। पीड़ित बबलू कोरी पिता सौखीलाल कोरी निवासी नैना इस समय जिला अस्पताल सतना में भर्ती है।
मारपीट में दोनों हाथ टूटे, 5000 रुपये भी लूटे
पीड़ित के अनुसार 1जुलाई 2026 को रात 7 बजे वह सतना से ठेकेदार से एडवांस पांच हजार रुपए लेकर घर लौट रहा था। ग्राम पोढ़ी तालाब के पास राजन सिंह, मोदू जैसवाल, शनि जैसवाल और बीरेन्द्र बारी ने उसे घेर लिया। गाली-गलौज के बाद ₹5000 छीन लिए और डंडों से बेरहमी से पीटा। हमले में पीड़ित के बाएं हाथ, गले और पीठ में गंभीर चोटें आईं। जान से मारने की धमकी भी दी गई। शिवम डोहर और रिंकू सिंह के बीच-बचाव से उसकी जान बची।
इस मामले में थाना कोठी में एफ आई आर क्रमांक 0177/2026 दर्ज है। विवेचना अवधेश मिश्रा कर रहे हैं।
FIR से गायब 2 नाम, थाने से ही दबाव का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि उसने रिपोर्ट में 4 आरोपियों का नाम दिया था। लेकिन FIR में सिर्फ राजन सिंह और मोदू जैसवाल का ही नाम दर्ज किया गया। शनि जैसवाल निवासी मनकहरी और बीरेन्द्र बारी निवासी नैना का नाम शामिल नहीं किया गया।
पीड़ित ने SP को बताया कि आरोपियों में से एक का रिश्तेदार सीधी जिले का निवासी है और कोठी थाने में पदस्थ है। वही उस पर दबाव बना रहा है कि _”अब किसी का नाम मत लेना, नहीं तो तुम्हें कोरेक्स-गांजा के केश मे फंसा देंगे।”
3 नाबालिग बच्चे, परिवार ने लगाई गुहार
पीड़ित के घर में 3 नाबालिग बच्चे हैं। परिवार का कमाने वाला अकेला यही था। मारपीट के बाद दोनों हाथ टूटने से वह जिला अस्पताल में भर्ती है। पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद से परिवार दहशत में है। उसने SP से निष्पक्ष जांच, FIR में नाम जोड़ने और सुरक्षा की मांग की है। आवेदन 7 जुलाई 2026 को दिया गया।
पीड़ित ने कहा है कि अगर न्याय नही हुआ तो परिवार आत्मदाह के लिए मजबूर होगा जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

