Thursday, July 16, 2026
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आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा हो,जल-जंगल-जमीन पर पहला हक आदिवासियों का है – ज्ञानचंद खटीक*

मूकनायक/किशन खटीक/रायपुर/ भीलवाड़ा राजस्थान

रायपुर 16 जुलाई
रायपुर उपखंड मुख्यालय में आयोजित प्रशासनिक शिविर के दौरान आदिवासी समाज के विभिन्न संगठनों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उपखण्ड अधिकारी करुणा लाडोती को भारत की राष्ट्रपति महोदया के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर भील प्रदेश के गठन तथा आदिवासी समुदाय के 40 सूत्रीय मांग पत्र पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि देश के आदिवासी समाज को आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, भूमि अधिकार, वन अधिकार, सामाजिक न्याय, राजनीतिक भागीदारी एवं सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। आदिवासी क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास तथा उनकी सांस्कृतिक पहचान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए भील प्रदेश का गठन समय की आवश्यकता है।
डा. भीमराव अम्बेडकर युवा संगठन संस्था रायपुर के अध्यक्ष ज्ञानचंद खटीक ने कहा कि आदिवासी समाज देश का मूल निवासी समाज है और संविधान ने उन्हें विशेष अधिकार प्रदान किए हैं। इन अधिकारों का पूर्ण रूप से पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन से जुड़ी सभी मांगों को सरकार गंभीरता से स्वीकार करे। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय और शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

ज्ञापन में मांग की गई कि अनुसूचित क्षेत्रों में संविधान की भावना के अनुरूप विकास कार्य किए जाएं, वनाधिकार कानून का प्रभावी क्रियान्वयन हो, आदिवासी युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाए, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाए, विस्थापित परिवारों का पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए तथा आदिवासी संस्कृति, भाषा और परंपराओं का संरक्षण किया जाए।
इस अवसर पर राजू भील (जिलाध्यक्ष, बाप पार्टी भीलवाड़ा), रतनलाल भील, ब्रजेश कुमार, मुकेश कुमार सालवी (रायपुर) सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं आदिवासी समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि आदिवासी समाज की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।उपखण्ड अधिकारी करुणा लाडोती ने प्रतिनिधिमंडल से ज्ञापन प्राप्त कर उसे राष्ट्रपति महोदया तक नियमानुसार भेजने का आश्वासन दिया। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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