सेल्स रिप्रेजन्टेटिव के तौर पर कार्यरत तरुण के उपर डुमस में बीजली गिरने से सर पर गंभीर चोट लगने से तबीबों ने ब्रेईनडेड घोषित किया
मूकनायक समाचार । सूरत
सूरत शहर के पालनपुर पाटीया, रांदेर निवासी और सेल्स रिप्रेजन्टेन्टिव के तौर पर कार्यरत युवक डुमस घुमने गया उस वक्त उसके उपर बीजली गीरने से गंभीर चोट की वजह से उसे अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया किन्तु तबीबों ने उसे ब्रेईनडेड घोषित कर दिया। तबीबों ने परिजनों को समजाकर अंगदान करने से कितने लोगों का जीवन बच सकता है इस संदर्भ जानकारी देने पर उन्होंने तरुण का अंगदान करने का फैसला किया।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पालनपुर पाटिया, स्थित 130, दिनदयाल सोसायटी, जकातनाका रोड, सूरत निवासी तरुण राजुभाई मारु (उम्र-26) केरिग्टन क्लब एन्ड रिसोर्ट में सेल्स रिप्रेजन्टेटिव के तौर पर कार्य कर परिजनों को मदद करता था। गत सोमवार 6 जुलाई शाम 5-30 बजे डुमस घुमने गया था। उस वक्त विडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर रहा था, उसी वक्त बीजली गीरने से उसका हृदय बंद हो गया। उनके मित्र मंथनसिंह ने 108 एम्ब्युलेन्स बुलाने पर तबीब स्टाफ ने सीपीआर देकर हृदय शुरू करने की कोशिश की और सनशाईन ग्लोबल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया। ग्लोबल अस्पताल के तबीबों ने 20 मिनट तक सीपीआर देकर हृदय शुरू किया किन्तु सीटी स्केन में मगज पर खून नहीं पहुंचने से वह ब्रेईनडेड हो गया।
डोनेट लाईफ की टीम ने अस्पताल पहुंचकर ब्रेईनडेड तरुण के पिता राजुभाई, माता जयाबेन, भाई चिंतन, बहन प्रियंका, बहनोई योगेश, चाचा प्रवीणभाई समेत मारु परिवार को अंगदान की प्रक्रिया के बारे में और उसके महत्व के बारे में बताया। पिता राजुभाई और माता जयाबेन ने बताया कि अगर हमारे बेटे से अन्य का जीवन बचता है तो इससे हमारे लिए क्या गौरव हो सकता है ऐसा कहकर अंगदान करने में संमति दर्शाई। परिजनों की संमति मिलते ही दोनों किडनी और लिवर का ट्रान्सप्लान्ट अहमदाबाद की आईकेडीआरसी में जरूरतमंद मरिजों के लिए किया जायेगा। जबकि चक्षु का दान लोकद्रष्टि चक्षु बैंक के डो. प्रफुल शिरोया ने स्वीकार किया।
गौरतलब है कि डोनेट लाईफ टोटल 1388 अंगो व टीस्युओं का दान किया गया है, जिसमें 556 किडनी, 243 लिवर, 58 हृदय, 56 फेफडे, 9 पेन्क्रीआस, 11 हाथ, 1 छोटा आंत और 454 चक्षुओं के दान से देश और विदेश के टोटल 1280 व्यक्तियों को नया जीवन और नई द्रष्टि देने में सफल रहा है।

