मूकनायक/सरिता रानी
पानीपत
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं बहन कुमारी मायावती ने बहुजन समाज से किसी भी राजनीतिक बहकावे में न आने और अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए वोट की ताकत का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने का आह्वान किया है।
शुक्रवार को लखनऊ में मीडिया को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि भारत के संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने शोषित, वंचित और उपेक्षित समाज को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए वोट की शक्ति को सबसे बड़ा लोकतांत्रिक हथियार बताया था। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज को बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलते हुए अपनी एकजुटता और राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करना चाहिए।
मायावती ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ अन्याय, उत्पीड़न या भेदभाव होता है तो उसे कानून अपने हाथ में लेने के बजाय संविधान और कानून के दायरे में रहकर न्याय की लड़ाई लड़नी चाहिए। जरूरत पड़ने पर निचली अदालत से लेकर उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय तक कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन और राजनीतिक दल अपने स्वार्थ के लिए बहुजन समाज के लोगों को भड़काकर सड़कों पर उतरने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे हिंसा, तोड़फोड़ और जन-धन की हानि होती है। ऐसे आंदोलनों से समाज को न्याय मिलने के बजाय उसकी समस्याएं और बढ़ती हैं।
बसपा प्रमुख ने आगामी विधानसभा, लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे समय में बहुजन समाज को विशेष रूप से सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं, बल्कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से अपने अधिकारों की रक्षा करें तथा अपने वोट की ताकत को सबसे बड़ा हथियार बनाएं।
उन्होंने अंत में बहुजन समाज से एकजुट रहने, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के बताए रास्ते पर चलने और संविधान की मर्यादाओं के भीतर रहकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।

