मूकनायक समाचार । सूरत
झारखंड के नक्सलवादी गतिविधियों से चल रही पलामु जिला में सूरत शहर के पीसीबी की टीम ने पोस्टमैन का धारण कर उधना और लिंबायत विस्तार में लूट वीथ मर्डर के गुनाह में अंतिम 25 साल से वोन्टेड अपराधी को गिरफ्तार कर लिया। वोन्टेड अपराधी पर 20 हजार का ईनाम जारी किया था।
सूरत शहर पुलिस की पी.सी.बी. के एएसआई हसमुख मोहन और हेड कान्स्टेबल अशोक लुणी ने मोस्ट वान्टेड टोप 16 में से वर्ष 2001 में उधना तथा लिंबायत पुलिस के लूट वीथ मर्डर के गुनाह में अंतिम 25 साल से वान्टेड और 20 हजार रुपयों के ईनाम की घोषणा वाले अपराधी हाल जारखंड के नक्सलवादी गतिविधि में लिप्त पलामु जिला के सीरम (टोला) गांव के है इस तरह की गोपनीय जानकारी मिली थी। जिससे पी.आई. राजेश सुवेरा के मार्गदर्शन के तहत यह दोनों पुलिस कर्मियों की टीम बनाकर झारखंड के पलामु जिला के पांकी ब्लोक के पीपराहट पुलिस थाने में वोच लगाई थी। नक्सलवादी गतिविधि में सक्रिय और अपराधी के सरलता से पकडना मुश्किल होने से पुलिस ने पोस्टमैन का वेश धारण कर अपराधी का सरनामा पूछने के बहाने घर तक पहुंच गई और चालाकीपूर्वक अपराधी मिथिलेश मेनेजरसिंग भूमिहार (उम्र-47, निवासी-सीरम, पांकी ब्लोक, जी.पलामु, झारखंड) को गिरफ्तार कर लिया है। मिथिलेश और उनके मित्रों ने वर्ष 2001 में उधना गांव के पुराने पेट्रोल पंप में फायरिंग कर मैनेजर की हत्या के बाद लूंट कर फरार हो गए और यह गुनाह में 25 साल से वोन्टेड थे।

