शंकर शाह–रघुनाथ शाह के 169वें बलिदान दिवस पर कमला नेहरू प्रांगण में उमड़ा जनसैलाव
मूकनायक समाचार -/ सत्यशील गोंडाने -/ बालाघाट (मध्यप्रदेश)
बालाघाट। अमर शहीद राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के 169वें बलिदान दिवस के अवसर पर बहुजन समाज पार्टी के तत्वावधान में बालाघाट के कमला नेहरू प्रांगण में आयोजित विशाल जनसभा में बड़ी संख्या में जनसमूह उमड़ा। सभा में बहुजन एकजुटता, सामाजिक समानता, संवैधानिक अधिकार और वंचित समाज के सवाल प्रमुख रूप से उठे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंजि. रामजी गौतम, केंद्रीय को-ऑर्डिनेटर एवं बसपा मध्यप्रदेश के मुख्य प्रभारी तथा राज्यसभा सांसद रहे। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने बालाघाट के आदिवासी अंचलों में बैगा बच्चों की मौत के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और सरकार से जवाबदेही तथा प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
हालिया रिपोर्टों में बालाघाट के बैगा एवं गोंड बहुल क्षेत्रों में 30 से अधिक बच्चों की मौत की जानकारी सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों और संक्रमणों की बात सामने आई है तथा प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने के कदम भी बताए गए हैं।
बैगा बच्चों की मौत पर गरजे रामजी गौतम
सभा में रामजी गौतम ने आदिवासी बैगा बच्चों की मौत के मामले को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों और परिवारों तक स्वास्थ्य एवं मूलभूत सुविधाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने, प्रभावित परिवारों की सुध लेने और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की मांग रखी। बैगा बच्चों की मौत का मामला पिछले कई सप्ताह से प्रदेश में गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दे के रूप में चर्चा में है।
रामजी गौतम के संबोधन के दौरान सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। उन्होंने बहुजन समाज के सामाजिक, आर्थिक और संवैधानिक अधिकारों के लिए संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
शंकर शाह–रघुनाथ शाह के बलिदान को किया नमन
कार्यक्रम की शुरुआत अमर शहीद राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान को नमन करते हुए हुई। वक्ताओं ने कहा कि दोनों वीरों का संघर्ष और बलिदान भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उनके विचारों और संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि शहीदों की स्मृति केवल कार्यक्रमों तक सीमित न रहे, बल्कि उनके संघर्ष से प्रेरणा लेकर सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों के लिए निरंतर काम किया जाना चाहिए।
कमला नेहरू प्रांगण में उमड़ा जनसमूह
विशाल जनसभा में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बसपा कार्यकर्ता एवं समर्थक पहुंचे। सभा स्थल पर पार्टी के झंडों और नारों के बीच कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला।
बसपा नेताओं ने संगठन को गांव, बूथ और जमीनी स्तर तक मजबूत करने, समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद बढ़ाने तथा सामाजिक मुद्दों पर संगठित होकर आवाज उठाने का आह्वान किया।
अजाब शास्त्री और सचिन बौद्ध की प्रमुख मौजूदगी
कार्यक्रम में अजाब शास्त्री—प्रदेश, जोन, जिला एवं बालाघाट लोकसभा प्रभारी तथा सचिन बौद्ध—जोन प्रभारी जबलपुर प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
इनके साथ बसपा के प्रदेश एवं जोन स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारी तथा बालाघाट जिले के पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जियालाल अहिरवार—प्रदेश अध्यक्ष, मध्यप्रदेश; कमलेश कुमार—मुख्य जोन प्रभारी भोपाल; पूर्णेन्द्र अहीरवार; उमाकांत बंदेवार—जोन प्रभारी भोपाल; ज्ञानेश्वर गजभिये—जोन प्रभारी भोपाल; तामसिह परते—लोकसभा प्रभारी बालाघाट; इंजि. महेंद्र—जिलाध्यक्ष बालाघाट; दुर्गेश बिसेन—पूर्व जिला प्रभारी बालाघाट; दीपक मेश्राम—जिला उपाध्यक्ष बालाघाट तथा अधि. राज्यपाल उके—जिला महासचिव बालाघाट सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बालाघाट की धरती से बहुजन एकजुटता का संदेश
शंकर शाह–रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर आयोजित इस सभा के माध्यम से बसपा ने सामाजिक एकजुटता और संगठनात्मक सक्रियता का संदेश दिया। सभा में आदिवासी समाज के बच्चों की मौत, सामाजिक समानता, अधिकार और संगठन को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर वक्ताओं ने अपनी बात रखी।
कार्यक्रम में उमड़े जनसमूह और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी ने सभा को व्यापक रूप दिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की जानकारी पहुंचाना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।
शहीदों का बलिदान, बैगा बच्चों के सवाल और बहुजन एकजुटता—इन प्रमुख मुद्दों के साथ बालाघाट की धरती पर नौनिहालो श्रंध्दाजली देकर कार्यक्रम को अंतीम रूप दिया बसपा की विशाल जनसभा संपन्न हुई।

