आज फिर आया वो शुभ दिवस ।
भारत मनाता आज हिंदी दिवस।।
हिंदी दिवस राष्ट्रीय महा पर्व है ।
इस पर हमें सर्वदा गर्व है।।
निज भाषा पर जो गर्व करते।
देश वही जो उन्नति करते।।
हिंदी से पहचान हमारी।
बढ़ती इस से शान हमारी।।
आज फिर आया वो शुभ दिवस ।
भारत मनाता आज हिंदी दिवस।।
भारत की सबसे सुंदर भाषा हिंदी।
ज्यों दुल्हन के माथे पर बिंदी।।
अफसोस होता है देखकर आज।
स्वभाषा की याद दिलानी पड़ती आज।।
दुख होता है राष्ट्रभाषा की व्यथा।
कहते इसकी दुखभरी गाथा।।
आज फिर आया वो शुभ दिवस ।
भारत मनाता आज हिंदी दिवस।।
पढ़ते लिखते हिंदी गंवार मानते लोग।
विदेशी भाषा में सभ्य समझते लोग।।
भारत ने हिंदी की कर दी भारी दुर्दशा।
बनाने चले हिंदू राष्ट्र बिन हिंदी भाषा।।
यह कैसा है मेरा भारत महान।
जहां राष्ट्रभाषा का होता अपमान।।
आज फिर आया वो शुभ दिवस ।
भारत मनाता आज हिंदी दिवस।।
देख इस भीड़ में कहां हिंदी खो गई।
ऐसा लगता है अब यह नींद में सो गई।।
मुगल गोरेआए सबको मार भगाया था।
सारा भारत हिंदी से ही जुड़ पाया था।।
हे भारतवासी हिंदी है वतन की भाषा।
समय है अभी भी बचा लो मातृभाषा।।
कहता है “बाबू”
आज फिर आया वो शुभ दिवस
भारत मनाता आज हिंदी दिवस।।
🙏🌹 बाबू लाल बारोलिया, अजमेर 🙏🌹

