मूकनायक/राजेश कुमार/जिला ब्यूरो चीफ/बस्ती/उत्तर प्रदेश
डीआईजी संजीव त्यागी रहे मुख्य अतिथि, डॉ. विनोद कुमार तिवारी ने किया संचालन: कवि-साहित्यकार हुए सम्मानित
बस्ती। हिन्दी दिवस के अवसर पर 14 सितम्बर को प्रेस क्लब बस्ती में हिन्दी भाषा एवं साहित्य को समर्पित साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बस्ती जनपद एवं मण्डल के अनेक कवि, लेखक और साहित्यकार शामिल हुए। मुख्य अतिथि डीआईजी संजीव त्यागी रहे, जबकि कार्यक्रम का संचालन डॉ. विनोद कुमार तिवारी ने किया।
कार्यक्रम में कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिन्दी भाषा के गौरव, राष्ट्र और समाज में उसकी भूमिका तथा वर्तमान समय में हिन्दी के महत्व को रेखांकित किया। विभिन्न कविताओं में देशप्रेम, सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं की अभिव्यक्ति देखने को मिली। काव्य पाठ के दौरान श्रोताओं ने कवियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
वक्ताओं ने कहा कि हिन्दी केवल संवाद की भाषा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और जनभावनाओं को जोड़ने वाली सशक्त भाषा है। हिन्दी को केवल हिन्दी दिवस तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन, शिक्षा, प्रशासन और साहित्य में अधिक से अधिक प्रयोग किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में बस्ती की समृद्ध साहित्यिक विरासत पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि बस्ती की धरती ने हिन्दी साहित्य को अनेक महत्वपूर्ण रचनाकार दिए हैं। आचार्य रामचंद्र शुक्ल, जिनका जन्म बस्ती के अगोना गांव में हुआ था, हिन्दी आलोचना और साहित्येतिहास के महान स्तंभ माने जाते हैं। उनकी कृति ‘हिन्दी साहित्य का इतिहास’ हिन्दी साहित्य के अध्ययन में विशेष महत्व रखती है। इसी साहित्यिक परंपरा में सर्वेश्वरदयाल सक्सेना और अष्टभुजा शुक्ल जैसे रचनाकारों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
इस अवसर पर उपस्थित कवियों एवं साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर रचनाकारों ने कहा कि साहित्यकारों का सम्मान हिन्दी भाषा और साहित्य के प्रति समाज के सम्मान को दर्शाता है। मुख्य अतिथि डीआईजी संजीव त्यागी ने सभी कवियों और साहित्यकारों को हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए साहित्य एवं भाषा के संरक्षण और संवर्धन पर बल दिया।
मंच संचालक डॉ. विनोद कुमार तिवारी ने हिन्दी साहित्य की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि साहित्य समाज को दिशा देने और संवेदनशील बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को हिन्दी भाषा और साहित्य से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने मुख्य अतिथि, कवियों, साहित्यकारों, पत्रकारों एवं उपस्थित सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। हिन्दी दिवस का यह आयोजन बस्ती की साहित्यिक परंपरा, रचनात्मकता और हिन्दी के प्रति सम्मान की भावना को समर्पित रहा।

