60 वार्डों में निर्दलीयों का दबदबा, भाजपा-कांग्रेस के मुकाबले निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या अधिक
मूकनायक/ रिपोर्टर धर्मवीर गौतम / हिंडौन सिटी
हिंडौन सिटी। नगर परिषद हिंडौन सिटी के चुनाव परिणाम सामने आने के साथ ही अब सभापति पद को लेकर राजनीतिक समीकरण बनने लगे हैं। नगर परिषद के 60 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों का दबदबा देखने को मिला है। भाजपा और कांग्रेस के बीच सभापति पद की दौड़ में निर्दलीय पार्षद निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। वहीं शहर की राजनीति में जाटव फैक्टर भी सभापति के चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की संभावना है।
करौली रोड स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय, हिंडौन सिटी में रविवार सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हुई, जिसके बाद अलग-अलग चरणों में वार्डों के परिणाम घोषित किए गए। करीब 11 बजे तक सभी 60 वार्डों के परिणाम घोषित कर दिए गए। परिणाम सामने आने के बाद किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय पार्षदों का महत्व बढ़ गया है।
वार्डवार विजेता प्रत्याशियों की पूरी सूची
वार्ड| विजेता प्रत्याशी| दल
1| मांगीलाल| निर्दलीय
2| सीमा| निर्दलीय
3| प्रतिभा| कांग्रेस
4| हरकेश| निर्दलीय
5| गीता रानी| कांग्रेस
6| रेखा जैन| निर्दलीय
7| शांति| कांग्रेस
8| कपूरचंद| निर्दलीय
9| अंजू जैन| निर्दलीय
10| महेश| निर्दलीय
11| विजयपाल| निर्दलीय
12| विष्णु| निर्दलीय
13| बब्बू| कांग्रेस
14| लच्छो देवी| निर्दलीय
15| धर्मेंद्र| निर्दलीय
16| लोहरे| निर्दलीय
17| जसोदा देवी| निर्दलीय
18| गोविंद| भाजपा
19| अब्दुल मगनी| निर्दलीय
20| इमरान| निर्दलीय
21| अजय सिंह| कांग्रेस
22| चिंटू जाटव| कांग्रेस
23| शेरसिंह| कांग्रेस
24| हरदई| निर्दलीय
25| हिमांशु दत्तात्रेय| भाजपा
26| राहुल हरसाना| भाजपा
27| सन्नो कोली| निर्दलीय
28| संजना| भाजपा
29| महेश चन्द्र| भाजपा
30| सीमा| भाजपा
31| वंदना| निर्दलीय
32| विक्रम| निर्दलीय
33| विजय गोयल| भाजपा
34| मंजू धाकड़| निर्दलीय
35| सत्येंद्र| भाजपा
36| नेकराम| निर्दलीय
37| रमेश चंद| निर्दलीय
38| द्वारका| निर्दलीय
39| इमराना| निर्दलीय
40| विजेंद्र| निर्दलीय
41| शाकिर| निर्दलीय
42| निशा| निर्दलीय
43| संजीदा बानो| कांग्रेस
44| अफसाना बेगम| निर्दलीय
45| राधामोहन| भाजपा
46| राहिल खमम| निर्दलीय
47| विमलेश| निर्दलीय
48| शहनाज| निर्दलीय
49| हुकम| निर्दलीय
50| मुकेश कुमार| कांग्रेस
51| दिनेश| भाजपा
52| राजबाबू| निर्दलीय
53| सचिन| निर्दलीय
54| भुवनेश| निर्दलीय
55| वंदना| निर्दलीय
56| भंवर पाल| निर्दलीय
57| सुनील| निर्दलीय
58| फुलवा| निर्दलीय
59| कमलेश| निर्दलीय
60| विजय कुमारी| भाजपा
निर्दलीयों की संख्या ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
चुनाव परिणामों में सबसे बड़ा संदेश यह है कि निर्दलीय प्रत्याशियों ने बड़ी संख्या में जीत दर्ज की है। ऐसे में सभापति पद के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों को निर्दलीय पार्षदों का समर्थन जुटाने की जरूरत पड़ सकती है। आने वाले दिनों में पार्षदों की लामबंदी और राजनीतिक बैठकों का दौर तेज होने की संभावना है।
जाटव फैक्टर पर टिकी नजर
हिंडौन की राजनीति में जाटव समाज का प्रभाव महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में निर्वाचित पार्षदों में जाटव समाज के पार्षदों की भूमिका सभापति चुनाव में निर्णायक हो सकती है। किस खेमे के साथ जाटव पार्षद जाते हैं, इससे सभापति पद का गणित बदल सकता है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने खेमे को कितना मजबूत कर पाती हैं और निर्दलीय पार्षद किस ओर रुख करते हैं। सभापति की कुर्सी के लिए आने वाले दिनों में राजनीतिक जोड़-तोड़ और समर्थन जुटाने का दौर देखने को मिल सकता है।

