मूकनायक/राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा
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जीवन संघर्षों और चुनौतियों का एक दूसरा नाम है। राह में मुश्किलें कितनी भी बड़ी क्यों ना हों, यदि मनुष्य के इरादे फौलादी हैं और हौसलों में दम है, तो दुनिया की कोई भी ताकत उसे उसकी मंजिल तक पहुँचने से नहीं रोक सकती। इतिहास गवाह है कि असाधारण सफलताएँ हमेशा उन्हीं को मिली हैं जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों के सामने घुटने टेकने से इनकार कर दिया। मजबूत इच्छाशक्ति और बुलंद हौसला इंसान के भीतर छिपी उस असीम ऊर्जा को जगाते हैं, जो बड़े से बड़े पहाड़ों को भी हिला सकती है।
जब इरादे फौलादी होते हैं, तो हर असफलता एक नई सीख बन जाती है और हर बाधा सफलता की सीढ़ी में बदल जाती है। डॉ भीमराव अंबेडकर, ज्योतिबा फुले और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे महापुरुषों की सफलता का रहस्य भी उनका अटूट हौसला ही था। इसलिए यह सत्य है कि मुश्किलें हमारी परीक्षा लेने और हमें ओर अधिक मजबूत बनाने के लिए आती हैं। यदि हम अपने भीतर के आत्मविश्वास और हौसले को जीवित रखें, तो हर कठिन रास्ता आसान हो जाता है। इसलिए, अपनी मंजिलों को पाने के लिए बहानों को छोड़ें, अपने इरादों को लोहा बनाएं और पूरे दम-खम के साथ आगे बढ़ें, सफलता आपके कदम चूमेगी।
बिरदी चंद गोठवाल
प्रदेश प्रभारी मूकनायक, हरियाणा

