मूकनायक समाचार । सूरत
सूरत शहर में वर्षा की मौसम के चलते मच्छरजन्य रोग न फैले उसके लिए सूरत मनपा विभाग हरकत में आ गया है। सामान्य तौर पर कन्स्ट्रक्शन साईट पर पाये के खुदाईकाम के चलते हो गए गड्ढों में पानी भर जाने से और वह लंबे अर्से तक पडे रहने से उसमें डेन्गु फैलाने वाले ईजिप्ती और मलेरिया के एनोफिलिस मच्छरों तेज गति से अंडे पैदा होते है, और आस पडौस के लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा पैदा करते हैं। इस संदर्भ की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए सूरत मनपा ने मेलेरिया विभाग की अलग-अलग टीमों को कतारगांव, वराछा, रांदेर और उधना समेत के सभी जोन में आने वाले निर्माण कार्यों पर आकस्मिक सर्च ओपरेशन शुरू किया है। इस दौरान 120 से अधिक प्रोजेक्ट्स पर मच्छरों का जीवंत ब्रिडिंग देखने मिलती है, जिसे जंतुनाशक दवाई का छंटकाव कर तत्काल नाश किया गया। प्रशासन ने नमूना लेकर सभी साईट मैनेजरों को नोटिस भेजकर स्थल पर ही टोटल 2.35 लाख रुपयों का दंड वसूल किया।
नवकार हेवन साईट पर गंभीर क्षति देखने मिली। यहां पर गाईडलाईन का खुलेआम उल्लंघन कर मच्छरों की उत्पत्ति स्थानों को बढावा दिया गया है इस कारण विभाग ने कडी कार्रवाई करते हुए बिल्डर के पास से 22,000 रुपयों का फाईन वसूल किया। स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि यह अभियान आगामी दिनों में भी शुरू रहेगा। अगर कोई स्कूल, मोल, कोमर्शियल कोम्पलेक्स या निर्माण साईट पर मच्छरों का ब्रिडिंग देखने मिलेगा उसे जुर्माना के साथ कार्रवाई की जाएंगी।

