मूकनायक समाचार । सूरत
सूरत में हाल ही में हुई भारी वर्षा और बाढ़ से प्रभावित भटार क्षेत्र के आंबेडकर नगर, आजाद नगर, इंदिरा नगर तथा रसूलाबाद के लगभग 2,000 परिवारों को राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की गई। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने लाभार्थियों को कैश डोल, गृह उपयोगी सामग्री तथा वस्त्र सहायता सहित प्रति परिवार कुल 6,800 रुपये की सहायता राशि वितरित की।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता बनाए रखने तथा प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे डोर-टू-डोर सर्वेक्षण में सहयोग करने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि कोई भी पात्र परिवार सहायता से वंचित नहीं रहेगा। प्रत्येक प्रभावित परिवार तक प्रशासन स्वयं पहुंचकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के बावजूद सूरतवासियों ने धैर्य, साहस और सामाजिक एकता का परिचय दिया है। जिन परिवारों, व्यापारियों और नागरिकों की आजीविका तथा संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उनके लिए 6,800 रुपये की यह सहायता राहत का महत्वपूर्ण आधार बनेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का सहयोग केवल तत्काल राहत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पुनर्वास और सामान्य जीवन बहाल होने तक प्रभावित परिवारों के साथ निरंतर बना रहेगा।
भारी वर्षा के बाद जलभराव की स्थिति समाप्त होते ही जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर राहत एवं पुनर्वास कार्य शुरू कर दिया। जिला कलेक्टर तेजस परमार के निर्देश पर प्रांत अधिकारी (दक्षिण) वी. जे. भंडारी के मार्गदर्शन में प्रभावित क्षेत्रों का डोर-टू-डोर सर्वेक्षण कराया गया। सर्वे के आधार पर गृह उपयोगी सामग्री की सहायता तथा मनरेगा योजना के अंतर्गत दैनिक मजदूरी को मिलाकर प्रति परिवार कुल 6,800 रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है।
जिला प्रशासन के अनुसार अब तक दक्षिण प्रांत क्षेत्र में 2,500 से अधिक प्रभावित परिवारों को आर्थिक राहत उपलब्ध कराई जा चुकी है।
सहायता वितरण कार्यक्रम में जिला कलेक्टर तेजस परमार, सूरत महानगरपालिका के आयुक्त एम. नागराजन, प्रांत अधिकारी (दक्षिण) वी. जे. भंडारी सहित जिला प्रशासन एवं स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

