मूकनायक न्यूज/ यशपाल सोलंकी/ भरतपुर/ राजस्थान
त्योहारी सीजन के बीच भरतपुर शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने के आसार बन गए हैं। नगर निगम के करीब 200 सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें बीते दो महीने से वेतन नहीं मिला है। इसके अलावा नगर निगम आयुक्त द्वारा मानदेय बढ़ाकर ₹7,600 प्रतिमाह करने और दीपावली बोनस देने का वादा भी अब तक पूरा नहीं किया गया है। वेतन न मिलने से गुस्साए कर्मचारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों का स्थायी समाधान नहीं होता, हड़ताल जारी रहेगी। ‘पैसे के अभाव में घर पर नहीं मना त्योहार’: कर्मचारियों का दर्द
सफाई कर्मचारी प्रतिनिधि गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि नगर निगम में कार्यरत कर्मचारियों को पिछले दो महीने से फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है:
त्योहारों पर आर्थिक संकट: उन्होंने व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि सोमवार को नवमी पूजन और दशहरा जैसा बड़ा पर्व था, लेकिन घरों में पैसे न होने के कारण कई सफाई कर्मचारियों के परिवारों में चूल्हा तक ढंग से नहीं जला और त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं।
बोनस और बकाया वेतन की मांग: कर्मचारियों ने कहा कि सामने दीपावली का महापर्व है। ऐसे में उनकी मांग है कि दो माह का बकाया वेतन तुरंत जारी किया जाए, बढ़ी हुई दर से भुगतान हो और दीपावली का बोनस दिया जाए।
वेतन ₹6,400 से बढ़ाकर ₹7,600 करने का मिला था आश्वासन
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के अनुसार-पिछली हड़ताल में हुआ था मौखिक वादा: कर्मचारियों ने बताया कि मानदेय वृद्धि को लेकर पहले भी आंदोलन किया गया था। उस दौरान नगर निगम कमिश्नर ने आश्वासन दिया था कि उनका मानदेय ₹6,400 से बढ़ाकर ₹7,600 कर दिया जाएगा और दीपावली बोनस भी मिलेगा।
लिखित समझौते से मुकरने का आरोप: कर्मचारियों का आरोप है कि कमिश्नर ने केवल मौखिक आश्वासन देकर हड़ताल खत्म करा दी, लेकिन लिखित आदेश जारी नहीं किए। अब तक न तो बढ़ा हुआ वेतन मिला और न ही पुराना बकाया भुगतान हुआ।
‘सोन चिरैया’ फर्म के जरिए तैनात हैं कर्मचारी
हड़ताल पर उतरे सभी 200 कर्मचारी ‘सोन चिरैया’ नामक प्लेसमेंट एजेंसी/फर्म के माध्यम से नगर निगम में सफाई कार्य के लिए अनुबंधित हैं। कर्मचारियों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि प्रशासन बार-बार झूठे वादे कर उन्हें गुमराह करता रहा है, लेकिन अब वे किसी बहकावे में नहीं आएंगे और लिखित आदेश व खाते में पैसा आने के बाद ही काम पर लौटेंगे। इधर, हड़ताल की सूचना मिलने के बाद निगम के कुछ पार्षद मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अडिग रहे।

