Monday, September 28, 2026
Homeउत्तर प्रदेशललितपुर में खाद की कालाबाजारी और ओवररेटिंग का आरोप, विजयराम आजाद ने...

ललितपुर में खाद की कालाबाजारी और ओवररेटिंग का आरोप, विजयराम आजाद ने प्रधानमंत्री व केंद्रीय कृषि मंत्री को भेजा पत्र

₹1,350 की DAP ₹1,950 तक बेचने की शिकायत, ₹2,500 तक कीमत वसूले जाने की आशंका पर उच्चस्तरीय जांच की मांग

विजयराम आजाद उप सम्पादक मूकनायक।
ललितपुर। जनपद में DAP एवं यूरिया खाद की कथित कालाबाजारी, निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री और किसानों को हो रही परेशानी को लेकर मूकनायक के उप संपादक विजयराम आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय कृषि मंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। पत्र में उन्होंने ललितपुर सहित बुंदेलखंड क्षेत्र में खाद की उपलब्धता, कीमतों में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने का अनुरोध किया है।


विजयराम आजाद ने अपने पत्र में कहा है कि जनपद ललितपुर लगभग 10 लाख की आबादी वाला कृषि प्रधान जिला है। यहां बड़ी संख्या में किसान खेती पर निर्भर हैं। बुआई का महत्वपूर्ण समय होने के कारण किसान खाद की खरीदारी में जुटे हैं, लेकिन खाद की कीमतों और उपलब्धता को लेकर किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

₹1,350 की DAP ₹1,950 तक बेचने की शिकायत

पत्र में आरोप लगाया गया है कि जनपद के महरौनी, पाली, बानपुर, जाखलौन, तालबेहट, मड़ावरा, जखौरा और बार सहित विभिन्न क्षेत्रों में DAP एवं यूरिया खाद की बिक्री में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। किसानों का आरोप है कि लगभग ₹1,350 की DAP खाद को कई स्थानों पर ₹1,950 तक में बेचा जा रहा है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि आगामी समय में DAP खाद की कीमत ₹2,500 तक वसूले जाने की आशंका जताई जा रही है। आजाद ने इस स्थिति को किसानों के लिए गंभीर आर्थिक संकट बताते हुए कहा कि पहले से ही महंगे बीज, डीजल, सिंचाई और मजदूरी का बोझ झेल रहे किसानों पर खाद की महंगी कीमतों का अतिरिक्त भार पड़ रहा है।

शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने का आरोप

विजयराम आजाद ने पत्र में कहा कि जिला कृषि अधिकारी से लेकर जिलाधिकारी तक लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद किसानों को स्थायी राहत नहीं मिल पा रही है। उनका आरोप है कि कई मामलों में संबंधित दुकानों को कुछ दिनों के लिए निलंबित किया जाता है, लेकिन बाद में उन्हें पुनः बहाल कर दिया जाता है। इसके बावजूद खाद की कीमतों में कमी और बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर किसानों की समस्याएं बनी रहती हैं।

उन्होंने स्थानीय स्तर पर व्यापारियों द्वारा कथित रूप से लगाए जा रहे रिश्वत के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि कुछ व्यापारियों का दावा है कि खाद की रेक आने से लेकर वितरण तक विभिन्न स्तरों पर रिश्वत देनी पड़ती है। आजाद ने इन आरोपों को जांच का विषय बताते हुए वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।

केंद्र और राज्य की संयुक्त जांच समिति गठित करने की मांग

प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री को भेजे गए पत्र में विजयराम आजाद ने केंद्र और राज्य स्तर के अधिकारियों की संयुक्त उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने मांग की है कि खाद की रेक से लेकर गोदाम और किसानों तक पहुंचने की पूरी व्यवस्था की जांच कराई जाए।

पत्र में प्रत्येक रेक के आवंटन, उठान, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रजिस्टर और किसानों को जारी की गई रसीदों का मिलान कराने की मांग भी शामिल है। इसके अतिरिक्त निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बेचने की शिकायतों, पूर्व में निलंबित दुकानों की पुनर्बहाली तथा कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने का अनुरोध किया गया है।

आजाद ने यह भी मांग की है कि किसानों के लिए DAP एवं यूरिया का निर्धारित मूल्य, उपलब्ध स्टॉक और अधिकृत विक्रेताओं की जानकारी सार्वजनिक की जाए। खाद खरीदने वाले प्रत्येक किसान को बिल अथवा रसीद उपलब्ध कराने और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

किसान हित में प्रभावी कार्रवाई की मांग

विजयराम आजाद ने अपने पत्र में कहा कि किसान देश का अन्नदाता है और उसकी आजीविका खेती पर निर्भर है। बुआई के समय खाद की कमी अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूले जाने से किसान की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है। उन्होंने मांग की कि ललितपुर सहित बुंदेलखंड क्षेत्र में DAP एवं यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी किसान को खाद के अभाव में बुआई से वंचित न होना पड़े।

उन्होंने प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री से किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच, खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश देने का अनुरोध किया है।

विजयराम आजाद का कहना है कि खाद की कीमतों और उपलब्धता से जुड़ी समस्या केवल आर्थिक मामला नहीं, बल्कि किसानों की फसल, मेहनत और उनके परिवार के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मामले में हस्तक्षेप कर बुंदेलखंड के किसानों को राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments