राहगीरों की सुरक्षा के लिए मिसाल बनी पहल, टूटे पिलर और जर्जर जाली को हटाकर बनाया रास्ता सुरक्षित
मूकनायक
अलीम अंसारी
बिलासपुर
शब्बीर सिद्दीकी और मसीर अहमद ने दिखाई जागरूकता, चाचा-भतीजे की पहल की हो रही सराहना
बिलासपुर। शहर के व्यस्त महाराणा प्रताप चौक से देवीनगर जाने वाले मार्ग, तिफरा फ्लाइ ओवर के नीचे साइड रोड पर लंबे समय से क्षतिग्रस्त पिलर और जर्जर जाली सड़क पर गिरने से राहगीरों के लिए खतरा बनी हुई थी। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग आवागमन करते हैं। सड़क पर गिरी जाली और सीमेंट के खंभे कभी भी किसी अप्रिय घटना का कारण बन सकते थे।
शुक्रवार को अमान अंसारी वेलफेयर फाउंडेशन के सक्रिय सदस्य एवं समाजसेवी शब्बीर सिद्दीकी नमाज़ के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नज़र सड़क पर गिरी निर्माणाधीन गार्डन की तार वाली जाली और सीमेंट के टूटे हुए खंभों पर पड़ी। उन्होंने तत्काल स्थिति की गंभीरता को समझते हुए इसे हटाने का प्रयास शुरू किया। शब्बीर सिद्दीकी ने अपने भतीजे मसीर अहमद के साथ मिलकर सड़क पर बाधा बन रही जाली और टूटे पिलर को हटाया तथा रास्ते को राहगीरों के लिए सुरक्षित और सुगम बनाया।
“छोटी पहल, बड़ा संदेश”
इस कार्य के दौरान दोनों ने किसी विभाग या अन्य व्यक्ति का इंतज़ार करने के बजाय जनहित को प्राथमिकता देते हुए स्वयं पहल की। आसपास के लोगों ने शब्बीर सिद्दीकी और मसीर अहमद के इस प्रयास की सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस रास्ते से रोज़ाना बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं, वहां ऐसी लापरवाही कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकती थी।
शब्बीर सिद्दीकी ने कहा कि “जनहित के लिए किया गया कोई भी छोटा प्रयास समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है। सड़क, स्वच्छता और राहगीरों की सुरक्षा के प्रति हम सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए तथा सार्वजनिक स्थानों पर यदि कोई खतरा या बाधा दिखाई दे तो उसे केवल देखकर आगे बढ़ने के बजाय उसे दूर करने की कोशिश करनी चाहिए। सामूहिक जिम्मेदारी और जागरूकता से ही शहर को बेहतर और सुरक्षित बनाया जा सकता है।
राहगीरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई यह पहल इस बात की मिसाल है कि समाजसेवा केवल बड़े आयोजनों का नाम नहीं, बल्कि जरूरत के समय जनहित में उठाया गया एक छोटा-सा कदम भी समाज के लिए बड़ी सेवा बन सकता है।




