Monday, September 28, 2026
Homeराजस्थानबीच सड़क ‘बीमार’ हुई एंबुलेंस, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर उठे सवाल

बीच सड़क ‘बीमार’ हुई एंबुलेंस, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर उठे सवाल

मूकनायक / रिपोर्टर धर्मवीर गौतम / हिंडौन सिटी

हिण्डौन सिटी। आपातकालीन चिकित्सा सेवा के लिए इस्तेमाल होने वाली एंबुलेंस का बीच सड़क पर खराब हो जाना व्यवस्था की तैयारियों और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हिण्डौन सिटी में पावर हाउस के समीप एक एंबुलेंस जिसका नं. RJ-14,UA- 7609
रास्ते में अचानक बंद हो गई। इसके बाद एंबुलेंस को दोबारा चालू करने के लिए उसे धक्का लगाते हुए कर्मचारी दिखाई दिए।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि यदि उस समय एंबुलेंस के अंदर कोई गंभीर मरीज मौजूद होता और रास्ते में वाहन बंद हो जाता, तो उसे समय पर अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी किसकी होती?

आपातकालीन सेवा में कुछ मिनटों की देरी भी कई बार मरीज के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। ऐसे में एंबुलेंस का तकनीकी रूप से पूरी तरह दुरुस्त और आपात स्थिति के लिए तैयार रहना बेहद जरूरी है। वाहन में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी सामने आने पर समय रहते उसकी मरम्मत और नियमित जांच की व्यवस्था होना भी आवश्यक है।

पहले भी सामने आती रही हैं शिकायतें

108 एंबुलेंस के रास्ते में खराब होने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस यदि बीच रास्ते में खराब हो जाए, तो इससे न केवल परिवहन व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि गंभीर मरीजों के उपचार में देरी की आशंका भी बढ़ जाती है।

इस घटना को केवल एक वाहन की खराबी मानकर नजरअंदाज करने के बजाय संबंधित विभाग को यह देखना चाहिए कि एंबुलेंस की नियमित सर्विसिंग, फिटनेस जांच और आपातकालीन स्थिति में वैकल्पिक वाहन की व्यवस्था किस स्तर पर है।

स्वास्थ्य विभाग से जवाबदेही की अपेक्षा

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एंबुलेंस संचालन व्यवस्था से यह अपेक्षा है कि मामले की जानकारी लेकर वाहन की तकनीकी स्थिति की जांच कराई जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि आपातकालीन सेवा में लगाए गए वाहनों की नियमित जांच एवं समय पर सर्विसिंग हो और किसी एंबुलेंस में तकनीकी समस्या आने पर मरीजों को वैकल्पिक सुविधा तत्काल उपलब्ध कराई जा सके।

एंबुलेंस महज एक वाहन नहीं, बल्कि मरीज के लिए अस्पताल तक पहुंचने वाली जीवनरेखा है। इसलिए इसकी विश्वसनीयता और उपलब्धता में किसी भी तरह की कमी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments