मूकनायक समाचार । सूरत
वेड रोड स्थित लक्ष्मीनगर सोसायटी के संत सावता माली महाराज मंदिर में मंगलवार को संत सावता माली महाराज के संजीवन समाधि समारोह के उपलक्ष्य में भव्य पालकी यात्रा निकाली गई। माली समाज युवक मंडल, संत सावता भजन मंडल एवं युवा कमेटी के संयुक्त आयोजन में निकली पालकी यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भजन-कीर्तन और विठ्ठल नाम के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
पालकी यात्रा मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर वेड रोड एवं आसपास के स्थानीय परिसरों से होते हुए पुन: मंदिर पहुंची। यहां विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती की गई। श्रद्धालुओं ने संत सावता माली महाराज की पालकी के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
कर्म को ही पूजा मानते थे संत सावता माली
माली समाज के पूर्व प्रमुख अशोक बागुल ने संत सावता माली महाराज के जीवन एवं उनकी भक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत सावता माली महाराज वारकरी संप्रदाय के प्रमुख संतों में माने जाते हैं। वे संत ज्ञानदेव और संत नामदेव के समकालीन थे तथा पंढरपुर के निकट अरण-भेंडी (अरण) गांव में रहते थे। उपलब्ध ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार उनका जन्म लगभग 1250 ईस्वी में हुआ और 1295 ईस्वी में उन्होंने समाधि ली। वे गृहस्थ जीवन जीते हुए भी भगवान विठ्ठल की अनन्य भक्ति में लीन रहते थे।
बागुल ने बताया कि संत सावता माली का जीवन कर्म, भक्ति और कर्तव्य के अद्भुत समन्वय का उदाहरण था। वे खेती-बाड़ी का कार्य करते हुए भगवान विठ्ठल का नाम स्मरण करते और अभंगों के माध्यम से भक्ति का संदेश देते थे। उनके लिए खेत में किया जाने वाला परिश्रम भी भगवान की सेवा के समान था। उनके अभंगों में खेती, माली का काम और दैनिक जीवन की वस्तुओं के माध्यम से विठ्ठल भक्ति का सहज एवं मार्मिक चित्रण मिलता है।
संत सावता माली ने बाहरी आडंबर की अपेक्षा मन की शुद्धता, सदाचार, कर्तव्यनिष्ठा और ईश्वर के प्रति सच्ची श्रद्धा को महत्व दिया। उनका संदेश था कि मनुष्य अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए भी ईश्वर की भक्ति कर सकता है। यही कारण है कि वारकरी परंपरा में उन्हें कर्मयोगी संत के रूप में विशेष सम्मान प्राप्त है।
बुधवार को कालाकीर्तन, दही हांडी और महाप्रसाद
आयोजकों ने बताया कि बुधवार 12 तारीख को सुबह कालाकीर्तन एवं दही हांडी का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद दोपहर में श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद रखा गया है। आयोजन में समाज के अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से शामिल होने का आह्वान किया गया है।
पालकी यात्रा के अवसर पर वार्ड संख्या 8 की भाजपा पार्षद मायाबेन पाटील, समाजसेवी ईश्वर पाटील, माली समाज युवा कमेटी के विजय जाधव, विलास माली, विजय बागुल, विश्व हिंदू परिषद के अजय महाजन, नाना महाजन सहित समाज के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
श्रद्धालुओं ने संत सावता माली महाराज के जयकारों और विठ्ठल नाम के संकीर्तन के साथ पालकी यात्रा में भाग लिया। आयोजन के दौरान समाज की एकजुटता और धार्मिक आस्था का उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।

