
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री, देश की एकता और अखंडता के लिए सजग रहने का किया आह्वान
दुर्ग, 15 अगस्त 2026। उप मुख्यमंत्री अरुण साव विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर दुर्ग नगर निगम सभागार में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए सभी नागरिकों से सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज भी भाषा, जाति, क्षेत्र और संप्रदाय के नाम पर समाज को बांटने के प्रयास किए जाते हैं। ऐसी विभाजनकारी ताकतों से देशवासियों को सतर्क रहना होगा।

अरुण साव ने कहा कि 14 अगस्त 1947 का विभाजन केवल जमीन का बंटवारा नहीं था, बल्कि करोड़ों दिलों, सपनों और रिश्तों के बिखरने की दर्दनाक घटना थी। विभाजन के दौरान लाखों लोगों की जान गई और करोड़ों परिवारों को अपना घर छोड़कर विस्थापन का दर्द झेलना पड़ा। अनेक लोगों ने अपने माता-पिता, भाई-बहन और प्रियजनों को खो दिया।

इतिहास से सीख लेकर भविष्य को सुरक्षित करें
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की स्वतंत्रता हमारे पूर्वजों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। विभाजन ने स्वतंत्रता संग्राम की इस गौरवपूर्ण यात्रा को गहरा दर्द दिया। उन्होंने कहा कि जो समाज अपने इतिहास से सीख नहीं लेता, उसे भविष्य में बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन के दर्द और उससे जुड़ी त्रासदी को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का आह्वान किया है। इसका उद्देश्य इतिहास को याद रखना और भविष्य में देश को बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहना है। हमें राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को हर परिस्थिति में मजबूत बनाए रखना होगा।
कार्यक्रम में राज्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं विधायक ललित चंद्राकर, महापौर अलका बघमार, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, सुरेंद्र कौशिक, जितेंद्र वर्मा एवं दिलीप साहू सहित अनेक प्रबुद्धजन और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

