मूकनायक/सलीम
बालोतरा/ राजस्थान
बालोतरा, 10 अगस्त। ग्रामीण क्षेत्रों में किशोरियों को लिंगभेद, हिंसा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राइज फाउंडेशन की ओर से अजीम प्रेमजी फाउंडेशन एवं विशाखा महिला शिक्षा एवं शोध समिति के सहयोग से संचालित My Space for Adolescent Girls परियोजना के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में कार्यक्षेत्र की 26 पीयर लीडर्स ने भाग लिया।
प्रशिक्षण में किशोरियों को जेंडर की अवधारणा, सेक्स और जेंडर में अंतर, जेंडर भूमिकाओं, सामाजिक रूढ़ियों तथा भेदभाव की पहचान के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षक अनिता सोनी ने विभिन्न प्रकार की हिंसा की पहचान और उससे बचाव के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, आर्थिक एवं यौन हिंसा के साथ सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार को समझाया।
प्रशिक्षक श्रवण कुमार ने संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों एवं मौलिक कर्तव्यों के साथ नागरिक अधिकारों, कानूनी सहायता और उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भेदभाव या हिंसा की स्थिति में चुप रहने के बजाय उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी लेकर उसका उपयोग करना जरूरी है।
प्रेरक मीरा कुमारी बॉस और गुड़िया टापरा ने भी प्रशिक्षण के दौरान जेंडर एवं हिंसा से जुड़े अपने अनुभव और विचार साझा किए। प्रशिक्षण में पीयर लीडर्स ने अपने-अपने गांवों में किशोरियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित कर जेंडर भेदभाव और हिंसा के खिलाफ जागरूकता गतिविधियां संचालित करने का निर्णय लिया।
प्रशिक्षण का संचालन थानाराम जोया ने किया। समापन अवसर पर उन्होंने प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

