नाग पंचमी पर पोड़ीदल्हा पहाड़ में उमड़ा 70 से 80 हजार श्रद्धालुओं का सैलाब, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
///550 भारी स्टील के कड़े, 150 पाव शराब एवं नशीले पदार्थ जब्त; पंचनुमा स्टील उपकरण भी उतरवाए///
मूकनायक
अलीम अंसारी
बिलासपुर
अकलतरा।
नाग पंचमी के अवसर पर अकलतरा थाना क्षेत्र अंतर्गत पोड़ीदल्हा पहाड़ में आयोजित नाग पंचमी मेले में करीब 70 से 80 हजार श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए जांजगीर-चांपा पुलिस ने सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए। पुलिस की सख्ती और सक्रिय निगरानी के दौरान करीब 550 भारी स्टील के कड़े, 150 पाव शराब, चिलम एवं अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए गए। इसके साथ ही हाथ में पहने जाने वाले पंचनुमा स्टील उपकरण भी श्रद्धालुओं से उतरवाकर पुलिस ने अपने कब्जे में लिए।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडे के निर्देश पर मेले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सुरक्षा अभियान चलाया गया। एएसपी डॉ. युलैंडन यार्क, एएसपी यातायात उदयन बेहार एवं एसडीओपी अकलतरा डॉ. मेखलेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं, युवकों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी।
जांच के दौरान पुलिस को कई लोगों के पास शराब एवं नशीले पदार्थ मिले। करीब 150 पाव शराब, चिलम सहित अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए गए। वहीं, श्रद्धालुओं के हाथों में पहने गए भारी स्टील के कड़ों और पंचनुमा उपकरणों को पुलिस ने संभावित विवाद एवं हिंसक घटना की आशंका को देखते हुए तत्काल उतरवाकर अपने कब्जे में लिया।
पुलिस के अनुसार भारी एवं मजबूत स्टील के कड़े तथा पंचनुमा उपकरणों का इस्तेमाल मारपीट अथवा हमले में किया जा सकता था। पुलिस की सक्रियता के चलते मेले में किसी बड़ी घटना की सूचना नहीं मिली और कानून-व्यवस्था बनी रही।
////इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री मेले तक पहुंची कैसे?////
पुलिस की कार्रवाई ने जहां संभावित अप्रिय घटना को रोकने में अहम भूमिका निभाई, वहीं इस पूरे मामले ने सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है। नाग पंचमी जैसे बड़े आयोजन में जब 70 से 80 हजार श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की संभावना थी और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, तो इतनी बड़ी संख्या में भारी स्टील के कड़े, पंचनुमा उपकरण, शराब एवं नशीले पदार्थ मेले तक पहुंचे कैसे?
पोड़ीदल्हा पहाड़ में मेले एवं विशेष अवसरों पर असामाजिक तत्वों के जमावड़े की आशंका बनी रहती है। ऐसे में इस तरह की सामग्री की मौजूदगी भविष्य में किसी बड़े विवाद या वारदात का कारण बन सकती थी। पुलिस की सक्रियता से इस बार संभावित घटनाओं पर अंकुश लगा, लेकिन भविष्य में ऐसी सामग्री की रोकथाम के लिए प्रवेश मार्गों पर सघन जांच और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
अब देखना होगा कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब, नशीले पदार्थ एवं भारी स्टील के उपकरण मेले तक पहुंचने के स्रोत की जांच को लेकर शासन-प्रशासन क्या कदम उठाता है और आगामी आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह और प्रभावी बनाया जाता है।





