मूकनायक/ विष्णु शिंदे
देवास/ मध्य प्रदेश
देवास घीचलाय देशभर में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन ग्राम पंचायत घीचलाए की तस्वीर इन दावों की हकीकत बयां करती नजर आ रही है। पंचायत परिसर से लेकर गांव की गलियों तक गंदगी, गाजर घास, जलभराव और अतिक्रमण ने स्वच्छता व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रखी हैं।
ग्राम पंचायत परिसर में जगह-जगह गाजर घास उगी हुई है। बारिश के दिनों में पंचायत परिसर में पानी जमा होने से हालात और भी बदतर हो जाते हैं। वहीं गांव में कई स्थानों पर गंदा पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को बीमारियों का खतरा सताने लगा है।
स्कूल के चारों तरफ गंदा पानी, बच्चों की पढ़ाई पर संकट
गांव के हाई सेकेंडरी स्कूल के आसपास भी जलभराव और गंदगी की स्थिति बताई जा रही है। स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब शिक्षा के मंदिर के आसपास ही गंदगी और गंदा पानी जमा रहेगा, तो बच्चे स्वस्थ और सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कैसे करेंगे?
पंचायत परिसर अतिक्रमण की चपेट में
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत क्षेत्र में कई जगह अतिक्रमण की स्थिति बनी हुई है। आरोप है कि जिम्मेदारों की जानकारी में होने के बावजूद इस समस्या पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत प्रशासन को स्वच्छता, जल निकासी और अतिक्रमण जैसी समस्याओं पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।
जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और कर्मचारी समस्या से अनजान नहीं हैं, बावजूद इसके हालात जस के तस बने हुए हैं। स्वच्छता को लेकर सरकारी स्तर पर लगातार अभियान चलाए जाने के बावजूद घीचलाए में जमीनी स्थिति सवाल खड़े कर रही है।
इस मामले में जनपद पंचायत सीईओ गीतिका सोनी से पक्ष जानने और वस्तुस्थिति से अवगत कराने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
अब सवाल यह है कि क्या स्वतंत्रता दिवस से पहले पंचायत प्रशासन गांव की गंदगी, जलभराव और अतिक्रमण की समस्या दूर कर पाएगा, या फिर सरकारी स्वच्छता अभियान के दावे कागजों तक ही सीमित रहेंगे?

