Tuesday, September 29, 2026
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आदिवासी अंचल में बीमारियों का प्रकोप, मलेरिया, निमोनिया और स्कीन बीमारी से बीमार हो रहे बच्चे और जवान, पूर्व सांसद मुंजारे पहुंचे अस्पताल, प्रशासन ने ली बैठक, अब तक 6 बच्चों की मौत

मूकनायक /फ्रीलांसर आकाश घरडे
बालाघाट/ मध्य प्रदेश

बालाघाट। जिले के आदिवासी अंचल अडोरी पंचायत के बोंदारी, कुंडेकसा और अडोरी में मलेरिया, निमोनिया और स्कीन बीमारी का प्रकोप होने से लगातार, यहां से बीमार बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।

शनिवार को 12 लोगो को फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिसमें एक महिला भी शामिल है। जिसमें बच्चो को बच्चा वार्ड और आईसीयू तथा महिला को महिला मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया है। सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन बताते है कि चार दिनो में 50 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि सभी की हालत में सुधार है। उन्होंने बताया कि बीमार बच्चो में मलेरिया, निमोनिया और स्कीन और रक्त की कमी से बच्चे पीड़ित है। जिनका उपचार चल रहा है।

सीएमएचओ डॉ. परेश उपलप ने बताया कि अडोरी पंचायत क्षेत्र में बीमारी के बढ़ते मामले को देखते हुए अस्थायी हॉस्पिटल तैयार किया गया है। जहां दो डॉक्टरों के साथ, क्षेत्र का स्वास्थ्य अमला मौजूद है। स्थिति अभी नियंत्रण मंे है। बताया जाता है कि कुछ दिनों पहले भोपाल और जबलपुर से भी स्वास्थ्य टीम, गांव पहुंची थी। जहां उन्होंने बच्चो में हो रही बीमारी की पूरी रिपोर्ट तैयार की है। जिसे स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपा जाएगा।

6 बच्चो की हो चुकी है मौते
एक महिने में एक से 13 साल के 6 बच्चों की मौत हो गई। हालांकि तीन बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य अमला जागा और गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया, बावजूद इसके बाद तीन बच्चों की मौत हो गई। आखिरी 6 वंे बच्चे अरविंद पिता चैतु धुर्वे (4) की मौत 6 अगस्त को हुई।

जबकि इससे पहले 26 जून से 22 जुलाई तक बोंदारी निवासी भाई बहन लमनिन पिता समारू धुर्वे (13), साहिल पिता समारू धुर्वे (1), पूजा पिता चमरू धुर्वे (एक साल 9 माह) सचिन पिता चैनसिंह मरकाम (5) और कुंडेकसा निवासी प्रिती पिता नेहरू मरकाम (4) की मौत हो चुकी थी।

पूर्व सांसद ने ली बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी
आदिवासी क्षेत्र अडोरी, बोंदारी और कुंडेकसा में बीमारी से प्रभावित अस्पताल में भर्ती बीमार बच्चों का स्वास्थ्य हाल जानने, शनिवार को पूर्व सांसद कंकर मुंजारे अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने, अस्पताल प्रबंधन से बच्चो के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी और बच्चो के परिजनों से चर्चा की। पूर्व सांसद कंकर मंुजारे ने बताया कि गांव के लोग, आज भी नाले का पानी पी रहे है। जिससे अंदाजा लगा सकते हैं कि शुद्ध पानी देने, सरकार के दावे सिर्फ कागजों पर है। उन्होंने गांव के 6 बच्चों की बीमारी के कारण एक माह के भीतर मौत हो जाने को गंभीर बताते हुए कहा कि, सरकार बैगा आदिवासी को संरक्षित करने के जो बड़े-बड़े वादे करती है, वह जमीन स्तर पर शून्य हैं।
प्रशासन ने ली बैठक
पंचायत अडोरी के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के लोगों में हो रही बीमारी के बाद प्रशासन ने ग्रामीणों में स्वास्थ्य उपचार को लेकर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने बैठक की। एसडीएम अर्पित गुप्ता ने बताया कि बीमारी की स्थिति में अस्पताल जाकर चिकित्सकीय जांच और उपचार कराने के बजाय पंडा-पुजारियों के माध्यम से उपचार कराना गलत है। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि बीमारी की स्थिति में चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञ की सलाह को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है।

एसडीएम गुप्ता ने समाज के पुजारियों एवं प्रमुख व्यक्तियों से भी आग्रह किया कि वे ग्रामीणों को बीमारी की स्थिति में अस्पताल पहुंचने के लिए प्रेरित करें। बीमारी के लक्षण दिखाई देते ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य शिविर में जांच कराएं।

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