Tuesday, September 29, 2026
Homeदिल्लीपेपर लीक पर संशोधित बिल को मोदी कैबिनेट की मंजूरी,10 साल जेल...

पेपर लीक पर संशोधित बिल को मोदी कैबिनेट की मंजूरी,10 साल जेल और ₹10 करोड़ जुर्माने का प्रावधान

दिल्ली । पेपर लीक विवाद और छात्रों के जारी आंदोलन के बीच शुक्रवार को केंद्र सरकार ने दो मोर्चों पर एक साथ सक्रियता दिखाई है। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) और कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) की बैठकों के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक हुई जिसमें संसोधित पेपर लीक बिल के मसौदे पर चर्चा पर चर्चा हुई और उसे मंजूरी दी गई।

वहीं दूसरी ओर,आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के मंत्रियों के बीच नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में बातचीत हुई। कैबिनेट बैठक में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 को और सख्त बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। सरकार अगले सप्ताह मानसून सत्र के दौरान इस संशोधित विधेयक को संसद में पेश करने की तैयारी में है।

साथ ही पेपर लीक माफियाओं के ख़िलाफ़ कड़े प्रावधान होंगे जिनमें स्पेशल फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट लीगल बैकिंग मिलेगी और फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट को यह अधिकार होगा कि वह तीन महीनों में जांच कर फैसला दे।इसके अलावा पेपर लीक मामले में 10 साल की सज़ा और 10 करोड़ का जुर्माना का प्रावधान होगा। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पेपर लीक कोई मामूली मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि यह लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा विषय है और सरकार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नया कानून लाने जा रही है।

जंतर मंतर समेत पूरे देश में प्रदर्शन के दबाब में भारतीय जनता पार्टी ने सीजेपी के साथ की वार्ता

जंतर मंतर पर छात्रों के आंदोलन के बीच CJP और केंद्र सरकार के बीच बातचीत को भी अहम माना जा रहा है।CJP ने पहले मंत्रियों के सरकारी आवास या कार्यालयों में बैठक से इनकार करते हुए किसी तटस्थ स्थान पर वार्ता की मांग की थी। इसके बाद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बैठक आयोजित की गई,CJP की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे,प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जवाबदेही तय करने और आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमें वापस लेने जैसी प्रमुख मांगें उठाई जा रही हैं.।

सरकार की रणनीति साफ है,एक ओर आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधियों से संवाद के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश की जा रही है,वहीं दूसरी ओर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानूनी ढांचे को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

कौशल किशोर
कौशल किशोरhttp://www.mooknayaknews.com
कौशल किशोर मीडिया जगत का एक विश्वसनीय और प्रतिष्ठित नाम हैं. वर्तमान में Mooknayak में जिला ब्यूरो चीफ लखनऊ व न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत कौशल को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 6 से अधिक वर्षों का लंबा और समृद्ध अनुभव है. राजनीति, चुनाव, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसी हर प्रमुख बीट पर मजबूत पकड़ रखने वाले कौशल अपनी निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. डिजिटल दौर में वे ट्रेडिशनल जर्नलिज्म के अनुभवों को न्यू-एज मीडिया और SEO स्ट्रेटेजी के साथ जोड़कर खबरों को नया आयाम दे रहे हैं.
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments