मूकनायक समाचार । सूरत
राजकोट के मालवीया चौक में आने वाला जिला पुस्तकालय में आज हजारों ज्ञानप्रेमीयों के लिए पसंदगी का केन्द्र बन चुका है। यह पुस्तक की शुरूआत 1957 में हुई थी। आज पुस्तकालय में करीब 57 हजार से अधिक पुस्तकों का विशाल खजाना है। छात्रों से लेकर महिलाओ, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की उम्र के लोगों के लिए यहां सभी प्रकार की वांचन सामग्री उपलब्ध है। स्पर्धात्मक परीक्षा की तैयारी करने वाले युवकों के लिए भी यह पुस्तकलाय काफी उपयोगी साबित हुआ है।
राजकोट शहर के ख्यातनाम मालवीया चौक में आने वाला यह पुस्तकालय आज ज्ञान और वांचन संस्कृति का केन्द्र बन गया है। वर्ष 1957 में स्थापित हुए यह पुस्तकालय अंतिम कई सालों से हजारों वाचकों ने ज्ञान की नई दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य किया। आज के मोबाईल युग में सोशियल मिडिया जगत में पुस्तकालय में आने वाले पढने वालों की संख्या में निरंतर बढोतरी हो रही है। खास कर स्पर्धात्मक परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए यह पुस्तकालय काफी उपयोगी हो रहा है। यहां अध्ययन के लिए शांत व अनुकूल माहौल उपलब्ध होने से छात्रों को लंबा समय तक अध्ययन कर सकते है। यह पुस्तकालय मंगलवार से शनिवार तक 10.30 बजे से शाम 6.10 बजे तक और रविवार को 8 से 12 तक शुरू रहता है।

