Friday, July 17, 2026
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सोशल मीडिया पर जातिसूचक टिप्पणी का आरोप, भारतीय विद्यार्थी मोर्चा ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

मूकनायक/ दुर्गेन्द्र सम्राट ब्यूरो प्रभारी बस्ती/ उत्तर प्रदेश

बस्ती। भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के जिला अध्यक्ष अमरजीत आर्य ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर एक युवक पर अनुसूचित जाति समाज के खिलाफ कथित रूप से जातिसूचक और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा लिखने तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संबंध में कथित रूप से धमकी भरी टिप्पणी करने का आरोप लगाया है संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता अमरजीत आर्य ने आरोप लगाया कि हर्षित दुबे नामक फेसबुक अकाउंट के माध्यम से अनुसूचित जाति समाज के प्रति कथित रूप से अपमानजनक और भड़काऊ टिप्पणियां कीं उनका कहना है कि इस प्रकार की पोस्ट से समाज में वैमनस्य फैलने की आशंका है और दलित समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

अमरजीत आर्य ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद आरोपी पक्ष की ओर से कथित रूप से फोन कॉल और मैसेज के माध्यम से समझौते का दबाव बनाया गया तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई उनका दावा है कि इस संबंध में स्क्रीनशॉट सहित अन्य डिजिटल साक्ष्य भी पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर उन्हें जातिसूचक गालियों के साथ मां-बहन की अभद्र गालियां दी गईं जिससे उनकी व्यक्तिगत गरिमा और अनुसूचित जाति समाज के सम्मान को ठेस पहुंची है।

शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी ने कथित रूप से डीआईजी बस्ती के संबंध में भी आपत्तिजनक और धमकी भरे शब्दों का प्रयोग किया शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।

ज्ञापन मिलने के बाद एडिशनल एसपी ने मामले की जांच कराकर नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया उन्होंने कहा कि शिकायत और उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उनके अनुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

इस अवसर पर भारत मुक्ति मोर्चा के पूर्वांचल प्रभारी आर. के. आरतियांन ने कहा कि आए दिन एक विशेष समुदाय द्वारा दलित समाज के लोगों को निशाना बनाया जाता है जो गंभीर चिंता का विषय है उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति डीआईजी बस्ती को धमकी देता है और इस तरह की भाषा का प्रयोग करता है तो उसके विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेगी।

बहुजन मुक्ति पार्टी के मंडल अध्यक्ष हृदय गौतम तथा महिला विंग की जिलाध्यक्ष एडवोकेट सरिता भारती ने भी कहा कि दलित समाज के लोगों को आए दिन जातिसूचक गालियां और अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई होना आवश्यक है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की हरकत करने का साहस न कर सके।

भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के जिला अध्यक्ष अमरजीत आर्य की अगुवाई में दिए गए ज्ञापन के दौरान हृदय गौतम, आर. के. आरतियांन, एडवोकेट सरिता भारती, दीपक कुमार आर्या (जिला उपाध्यक्ष), उमेश कुमार (समाजवादी अंबेडकर युवा वाहिनी विधानसभा अध्यक्ष), ऋतिक कुमार (समाजवादी अंबेडकर युवा वाहिनी जिला अध्यक्ष), राम सुमेर यादव (राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला अध्यक्ष), समाजसेवी रंजीत कुमार आजाद सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

फिलहाल मामले में पुलिस द्वारा जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है समाचार लिखे जाने तक आरोपी पक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है

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