
मूकनायक/रायपुर जिला ब्यूरो चीफ दुष्यंत सुरेश सांखरे रायपुर/छत्तीसगढ़
दलालों और मैदानी कर्मचारियों के बीच ‘फिक्स रेट’ का खेल सक्रिय, अप्रशिक्षित चालकों के कारण सड़कों पर बढ़ रहा है हादसों का खतरा रायपुर: परिवहन विभाग (RTO) के दफ्तरों और क्षेत्रीय चौकियों से भ्रष्टाचार का एक बेहद गंभीर और जानलेवा खेल सामने आया है। विभाग के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, सरकार द्वारा ड्राइविंग टेस्ट को पूरी तरह से ऑटोमैटिक, पारदर्शी और ऑनलाइन बनाने के दावों के बावजूद, रायपुर और अन्य बड़े जिलों के आरटीओ दफ्तरों के बाहर सक्रिय दलाल आज भी बिना किसी वास्तविक जमीनी टेस्ट के कमर्शियल और भारी वाहनों (जैसे ट्रक, डंपर और यात्री बस) के भारी ड्राइविंग लाइसेंस (HMV) धड़ल्ले से बनवा रहे हैं। इनसाइड खबर यह है कि इसके लिए बैक-एंड पर दलालों और कुछ एंट्री ऑपरेटरों के बीच एक फिक्स रेट का व्हाट्सएप नेटवर्क काम कर रहा है, जो बिना टेस्ट फाइल को आगे बढ़ा देता है। इस भ्रष्टाचार के चलते पूरी तरह अप्रशिक्षित और अयोग्य चालक सड़कों पर भारी गाड़ियां दौड़ा रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ के राजमार्गों और राजधानी की सड़कों पर आए दिन होने वाले दर्दनाक सड़क हादसों का मुख्य कारण बन रहा है।

