
सुकमा में बारिश की संभावना, धान सहित खरीफ फसलों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की अपील
रायपुर, 17 जुलाई। बदलते मौसम और संभावित बारिश को देखते हुए सुकमा जिला प्रशासन ने किसानों के लिए विशेष कृषि परामर्श जारी किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, जगदलपुर की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा से प्राप्त पूर्वानुमान के आधार पर किसानों को खरीफ फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 15 से 19 जुलाई के बीच जिले में हल्की बारिश, घने बादल छाए रहने तथा 3 से 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। ऐसे मौसम को देखते हुए किसानों से कृषि कार्य मौसम के अनुसार करने और फसलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को उन्नत किस्म के बीजों का उपयोग करने तथा बीजोपचार के बाद ही बुआई करने की सलाह दी है। धान की सीधी बुआई जल्द पूरी करने और अधिक जलभराव वाले क्षेत्रों में लेही पद्धति अपनाने की अनुशंसा की गई है। मक्का की फसल को इल्लियों और अन्य कीटों से बचाने के लिए खेतों में ‘टी’ आकार के बांस लगाने की सलाह दी गई है, जिससे पक्षी कीटों को खाकर प्राकृतिक रूप से उनका नियंत्रण कर सकें।
अरहर, मूंगफली तथा अन्य दलहनी एवं तिलहनी फसलों के बीजों को फफूंदनाशक और जैव उर्वरक से उपचारित कर बुआई करने की सलाह दी गई है। इससे फसलों की बेहतर वृद्धि होने के साथ उत्पादन बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।
जिला प्रशासन ने किसानों को स्पष्ट रूप से सलाह दी है कि बारिश के दौरान खेतों में किसी भी प्रकार के कीटनाशक या खरपतवारनाशक का छिड़काव न करें। वर्षा के कारण दवाओं का प्रभाव कम हो जाता है और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी रहती है।
पशुपालकों को भी मौसम को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। पशुओं को गीले एवं जलभराव वाले स्थानों पर चराने से बचने, उन्हें सूखे एवं सुरक्षित बाड़ों में रखने, नियमित कृमिनाशक दवा देने तथा खुरपका-मुंहपका जैसी बीमारियों से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण कराने की अपील की गई है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए संतुलित आहार, हरा चारा और खनिज मिश्रण उपलब्ध कराने की भी सलाह दी गई है।
जिला प्रशासन ने किसानों और आम नागरिकों से ‘मौसम सीजी’ और ‘मेघदूत’ मोबाइल ऐप पर पंजीकरण कराने की अपील करते हुए कहा है कि इन ऐप के माध्यम से मौसम का पूर्वानुमान और कृषि संबंधी आवश्यक सलाह सीधे मोबाइल पर प्राप्त की जा सकती है। प्रशासन ने किसानों से मौसम की जानकारी पर लगातार नजर रखने और कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के अनुसार ही खेती से जुड़े निर्णय लेने का आग्रह किया है, ताकि समय पर उचित प्रबंधन कर फसलों को मौसम से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।

