
गौरीशंकर श्रीवास और देवशरण सेन ने जताई समाज के उत्थान के लिए प्रतिबद्धता, कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर
रायपुर, 17 जुलाई। छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास एवं सदस्य देवशरण सेन ने शुक्रवार को बोर्ड कार्यालय में विधिवत पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर दोनों पदाधिकारियों ने केश शिल्पी समुदाय और सेन समाज के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

पदभार ग्रहण करने के बाद अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि राज्य सरकार ने उन पर जो विश्वास व्यक्त किया है, उस पर पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि बोर्ड का उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन करना नहीं, बल्कि केश शिल्पी समुदाय एवं सेन समाज के समग्र विकास के लिए ठोस, प्रभावी और परिणाममुखी कार्य करना है।
उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए सभी को साथ लेकर कार्य किया जाएगा। बोर्ड के माध्यम से संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। साथ ही समाज के हितों की रक्षा और विकास के लिए सभी वर्गों के सुझावों एवं सहभागिता को प्राथमिकता दी जाएगी।
नवनियुक्त सदस्य देवशरण सेन ने भी समाज के हित में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि बोर्ड के माध्यम से समाज के सर्वांगीण विकास, कल्याणकारी गतिविधियों के विस्तार और जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

पदभार ग्रहण समारोह के दौरान समाज कल्याण विभाग एवं बोर्ड कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे सेन समाज के वरिष्ठजन, समाज प्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने नवनियुक्त अध्यक्ष एवं सदस्य का स्वागत करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर बोर्ड की भावी कार्ययोजना पर भी विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में केश शिल्पी समुदाय के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान, युवाओं के कौशल विकास, स्वरोजगार के अवसरों के विस्तार तथा समाज हित में संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विचार-विमर्श किया गया। विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने समाज की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं से भी नवनियुक्त पदाधिकारियों को अवगत कराया तथा समाज के विकास के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया।

